पर्यावरणविद स्व. सुंदरलाल बहुगुणा के धर्मपत्नी विमला बहुगुणा के निधन पर ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट परिवार की ओर से पूर्णानंद घाट पर गंगा आरती की गई। दो मिनट का मौन रखा गया और मां गंगा से दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
ट्रस्ट सदस्य डॉ. ज्योति शर्मा ने कहा विमला बहुगुणा एक सर्वाेदय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने 1953-55 में बिहार में भूदान आंदोलन में भाग लिया, जहां वह आचार्य विनोबा भावे, जयप्रकाश नारायण और दादा धर्माधिकारी के संपर्क में आईं, जो उनके काम से प्रभावित थे।
विमला बहुगुणा की समझ और कड़ी मेहनत के कारण उन्हें कम समय में ही आश्रम की सबसे प्रिय छात्रा बना दिया गया। विमला देवी ने आश्रम के बाहर की सामाजिक गतिविधियों में भी काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में आश्रम के प्रतिनिधित्व के लिए उन्हें चुना गया था।
इसके साथ ही उनको वन देवी की उपाधि भी दी गई थी। ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी ने कहा कि पर्यावरण बचाओ आंदोलनों में विमला बहुगुणा, स्व. सुंदरलाल बहुगुणा के साथ साया बनकर खड़ी रही। इस मौके पर सोनिया राज, रीना उनियाल, पुष्पा शर्मा, श्याम प्रकाश शर्मा, आशा डंग, वंदना नेगी, प्रमिला, गायत्री देवी आदि शामिल रहे।