भावातीत ध्यान योग का विश्व प्रसिद्ध केंद्र रहे शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया दशकों से देसी सैलानियों की पहुंच से दूर रही। बीती आठ दिसंबर से कुटिया खुलने के बाद से आश्रम में देसी सैलानियों की चहलकदमी एकाएक होने लगी है। जबकि जिन विदेशी सैलानियों के लिए खासतौर पर इसे खोला गया था, उनकी संख्या में पहले दिन से ही गिरावट दर्ज की जा रही है।
जबकि कुटिया के विधिवत खोलने से पहले यहां इससे कहीं अधिक विदेशी साधक, जिज्ञासु पहुंचते थे। इसका कारण राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन द्वारा विदेशियों के लिए तय की गई इंट्री फीस को माना जा रहा है। विदेशी शुल्क को काफी अधिक बता रहे हैं।
गौरतलब है कि दुनिया को भावातीत ध्यान का संदेश देने वाले संत महर्षि महेश योगी की तपस्थली स्वर्गाश्रम स्थित शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क क्षेत्र के अंतर्गत आने के बाद से हाल में सैलानियों के लिए खोला गया है। बीते आठ दिसंबर रविवार तक यानि छह दिनों में कुटिया के भ्रमण के लिए कुल 186 पर्यटक पहुंचे।
इनमें देसी पर्यटकों की संख्या 141 है। जबकि विदेशी पर्यटकों की महज 45 बताई जा रही है। जबकि कुटिया के खुलने से पूर्व इसे देखने के लिए लगभग दो दर्जन विदेशी साधक, सैलानी, जिज्ञासु प्रतिदिन पहुंचते थे। मगर हाल के दिनों में विदेशियों में बीटल्स आश्रम के नाम से चर्चित चौरासी कुटिया में पर्यटक पहुंच तो रहे हैं, मगर पार्क प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए छह सौ रुपये प्रतिव्यक्ति शुल्क की जानकारी मिलने पर मायूस लौट रहे हैं।
पर्यटकों का आंकड़ा
तारीख देसी पर्यटक विदेशी पर्यटक
9 दिसंबर 16 06
10 दिसंबर 32 11
11 दिसंबर 17 14
12 दिसंबर 18 02
13 दिसंबर 58 12
सीनियर सिटीजन और स्टूडेंट को दी जा रही छूट
चौरासी कुटिया भ्रमण करने के लिए आने वाले वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने प्रवेश शुल्क में रियायत का प्रावधान किया है। पार्क की गौहरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरएम नौटियाल ने बताया कि कुटिया भ्रमण करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को 75 रुपये प्रति व्यक्ति देने होंगे, लेकिन इसके लिए वरिष्ठ नागरिक को आयु की पुष्टि के लिए कोई पहचान पत्र दिखाना होगा।
टूर पर निकले कॉलेज और संस्थानों के विद्यार्थियों के दल के लिए भी खास छूट रखी गई है। 18 वर्ष तक के विद्यार्थियों से 40 रुपये और इससे अधिक उम्र वालों से 75 रुपये शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को कॉलेज और संस्थान का भ्रमण संबंधी प्रपत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
अच्छा मिल रहा राजस्व
चौरासी कुटिया खुलने से राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन को रोजाना हजारों रुपये का राजस्व प्राप्त होने लगा है। गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल ने बताया कि चौरासी कुटिया के खुलने से हररोज करीब 10 से 15 हजार रुपये का राजस्व मिल रहा है। हालांकि शुल्क की अधिकता के कारण विदेशियों का यहां नहीं आने से उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।