हरिपुर कला क्षेत्र में आम के हरे पेड़ों पर आरी चला दी गई। बताया जा रहा है कि पेड़ों का पातन कर उक्त भूमि पर प्लाटिंग की जानी है। वही उद्यान विभाग द्वारा जारी की गई पेड़ों के पातन की अनुमति सवालों के घेरे में है। हरे पेड़ों को काटने के लिए इन पेड़ों को जर्जर और दीवार के लिए खतरा बताया गया था। लेकिन पेड़ न तो जर्जर थे और न ही किसी दीवार के लिए कोई खतरा पैदा कर रहे थे। वहीं वन विभाग ने भूमि स्वामी से पातन की अनुमति का पत्र मांगा है।
मामला हरिपुर कलां क्षेत्र का है जहां जर्जर पेड़ों की अनुमति की आड़ में आम के छह हरे पेड़ों को काट दिया गया। खास बात यह है कि उद्यान विभाग की ओर से आम के छह पेड़ों के पातन की अनुमति जारी की गई थी। उद्यान विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार आम के यह पेड़ जर्जर हो चुके थे और दीवार को नुकसान पहुंचा रहे थे।
पेड़ों का पातन कर ठेकेदार रातों-रात डाट को ट्रक में भरकर मौके से ले गए। हालांकि मंगलवार की सुबह बची हुई पेड़ों की डाटों को एक वाहन में भरकर ले जाने की तैयारी की जा रही थी तभी वन विभाग ऋषिकेश की टीम मौके पर पहुंच गई।
रेंज अधिकारी जीएस धमादा ने बताया कि आम के पेड़ों को काटने की अनुमति उद्यान विभाग ने जारी की थी। लेकिन डाटों की निकासी के लिए ठेकेदार द्वारा आवेदन किया हुआ था। फिलहाल रेंज अधिकारी ने मामले की जांच की बात कही है। वही उद्यान विभाग प्रभारी रचना कोठियाल ने बताया कि बुधवार को टीम भेज कर इस मामले की जांच कराई जाएगी।