I
I
I
Iवार्षिक काॅन्फ्रेंस में देशभर के 100 से अधिक यूरोलॉजिस्ट शामिलI
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एचआईएमएस) के यूरोलॉजी विभाग की ओर से उत्तराखंड यूरोलॉजिकल सोसाइटी की दूसरी वार्षिक काॅन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर के 100 से अधिक यूरोलॉजिस्ट शामिल हुए। यूरोलॉजी कैंसर के उपचार की नई तकनीक पर चर्चा की गई।
काॅन्फ्रेंस का शुभारंभ संस्थापक डॉ. स्वामी राम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि यूरोलॉजी का क्षेत्र बहुत ही विस्तृत है। हर साल उपचार की तकनीक में बदलाव हो रहा है। सभी यूरोलॉजिस्ट को मिलकर कैंसर का उपचार कैसे सस्ता हो, यह भी सोचना चाहिए। सर्जरी के अलावा हमें प्रिवेंटिव पक्ष पर भी काम करना चाहिए।
यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. ललित शाह और उत्तराखंड यूरोलॉजिकल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. संजय गोयल ने कहा कि उत्तराखंड में करीब 50 विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्ट सेवाएं दे रहे हैं। संचालन डॉ. वैभवी धस्माना ने किया। अस दौरान डॉ. किम, डॉ. विजेन्द्र चौहान, डॉ. हेमचंद्र पांडेय, डॉ. अशोक कुमार देवरारी, डॉ. मुश्ताक अहमद, डॉ. रजीव सरपाल, डॉ. शिखर अग्रवाल, डॉ. अश्वनी कंडारी, डॉ. अमन कुमार, डॉ. सुवित जुवड़े, डॉ. कुमार पंकज उपस्थित रहे।