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रईसजादों के शौक से शहरवासियों की नींद हराम

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ऋषिकेश। रईसजादों के बाइक से पटाखा छोड़ने के शौक से शहरवासियों की नींद हराम हो रही है। रेट्रो साइलेंसर वाली बाइकों के कारण बुजुर्ग और मासूमों को परेशानी हो रही है। सब कुछ जानते हुए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और सीपीयू इन रेट्रो साइलेंसर वाली बाइकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
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शहर में शोरूम से निकल रही हर तीसरी बाइक (बुलेट) का साइलेंसर मोडिफाई किया गया है। सड़कों पर रेट्रो साइलेंसर लगी इन बाइकों में अधिकांश पर स्पेशल नंबर पंजीकृत हैं। ये बाइकें हरिद्वार रोड, रेलवे रोड, देहरादून रोड, चंद्रभागा पुल, लक्ष्मणझूला रोड, तिलक रोड और हीरा लाल रोड पर रेट्रो साइलेंसर से पटाखे की जैसी आवाज निकालकर दौड़ती हैं। रेट्रो साइलेंसर की आवाज से दिल के मरीज, बुजुर्ग, और मासूम नर्वस हो जाते हैं।
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इनसेट
शोरूम में भी लगाए जा रहे रेट्रो साइलेंसर
मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार किसी भी वाहन को एआरटीओ की अनुमति के बिना मोडिफाई नहीं किया जा सकता, लेकिन ऋषिकेश शहर और आसपास के क्षेत्रों में शोरूम से बाहर आने से पहले बाइक (बुलेट) पर रेट्रो साइलेंसर लगा दिया जाता है। बाइक के दोनों साइड प्रेेशर हार्न लगा दिए जाते हैं। आरोप है कि शहर की कुछ एजेंसियां और बाइक सर्विस सेंटर ये रेट्रो साइलेंसर लगा रहे हैं। एजेंसियों के खिलाफ एआरटीअ ो(प्रशासन) भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। न ही बाइस सर्विस सेंटरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
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नंबर प्लेट को लेकर भी गंभीर नहीं परिवहन विभाग
दो पहिया वाहनों की नंबर प्लेट को लेकर परिवहन विभाग गंभीर नहीं है। स्थिति यह है कि बाइक खरीदे तीन साल हो गए, लेकिन उस पर एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) नहीं लगाई जा रही है। कई दो पहिया वाहन ऐसे भी सड़कों पर चल रहे हैं, जिनकी आगे की नंबर प्लेट तोड़ रखी है। किसी भी वारदात के बाद इन वाहनों का नंबर सीसीटीवी में नहीं आता। ऐसे में ये बाइक सवार घटना के बाद बच जाते हैं।
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रेट्रो साइलेंसर से परेशान हैं तो एप डाउनलोड करें
यदि आप भी रेट्रो साइलेंसर वाली बाइकों से परेशान हैं तो आप अपने स्मार्ट फोन पर गूगल प्ले स्टोर में जाकर यातायात पुलिस की उत्तराखंड ट्रैफिक आईज एप डाउनलोड कर सकते हैं। एप में अपना मोबाइल नंबर पंजीकरण कराने के बाद, संबंधित वाहन की फोटो या फिर वीडियो बनाकर भेजनी करनी है। उसके बाद यातायात पुलिस की ओर से संबंधित वाहन स्वामी को नोटिस भेजा जाएगा, जिसमें जुर्माने के साथ ही रेट्रो साइलेंसर हटाना होगा।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय से फिजीशियन डॉ. सुरेश कोटियाल ने बताया कि रेट्रो साइलेंसर की आवाज से बुजुर्ग व्यक्ति नर्वस हो जाते हैं। मासूमों में चिड़चिड़ापन की शिकायत के साथ ही अनिंद्रा जैसी शिकायत हो सकती हैं।
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कोट-
शहर में चल रही रेट्रो साइलेंसर वाली बाइकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त रूप से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस और सीपीयू को भी साथ में लिया जाएगा। जो भी रेट्रो बाइक पकड़ी जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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-मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन)
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