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नहीं थम रहा चरक का आतंक

Sun, 17 Jan 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
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यमकेश्वर ब्लॉक में जंगली जानवर चरक का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। हिंसक और रहस्यमय जानवर एक के बाद एक लगातार मवेशियों पर हमला कर उन्हें अपना निवाला बना रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। लोग वन महकमे से चरक को मारने की मांग कर रहे हैं। लेकिन विभाग इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
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बीते शुक्रवार की रात ग्राम पंचायत सिंदूड़ी के खंडग्राम ओखली में जंगली जानवर चरक ने चंद्रप्रकाश बैलवाल पुत्र दत्ताराम बैलवाल की गौशाला में घुसकर तीन गायों को मार दिया। चंद्रप्रकाश ने बताया कि वह शनिवार सुबह गौशाला में गए तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।

हिंसक जानवर ने गौशाला की छत पर लगे टीनशेड की चादर तोड़ दी और अंदर खूंटी पर बंधी तीन गायों को मार दिया। ग्राम प्रधान अरुण जुगलाण ने घटना की जानकारी लैंसडौन वन प्रभाग और स्थानीय प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची विभागीय टीम और प्रशासनिक नुमाइंदों ने मौका मुआयना कर पीड़ितोें से घटना की जानकारी ली।
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ग्राम प्रधान ने चेताया कि लोगों को हिंसक जानवर के आतंक से निजात नहीं दिलाई गई तो स्थानीय जनता लामबंद होकर वन विभाग के खिलाफ आंदोलन करेगी। इस अवसर पर तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला, लालढांग के रेंज अधिकारी रमेशचंद भारती, जिला पंचायत सदस्य गीता राणा, देवेंद्र राणा आदि मौजूद थे।

दूसरी घटना ग्राम सभा बोंगा के खंडग्राम गोदी में बीते शुक्रवार की शाम हुई। यहां भी हिंसक जानवर ने रघुवीर सिंह की गौशाला में घुसकर एक घोड़े को अपना निवाला बना लिया। बोंगा के प्रधान तुलसीराम भट्ट ने बताया कि लगातार मवेशियों पर हो रहे हमले से ग्रामीण भयभीत हैं। स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ व्याप्त है।


टीम बता रही भालू कर रहा हमले
शनिवार को वन विभाग की टीम ने रेंज अधिकारी रमेश चंद भारती के नेतृत्व में यमकेश्वर प्रखंड के हमलावर जंगली जानवर प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान रेंज अधिकारी भारती ने बताया कि ग्रामसभा सिंदूड़ी के खंडग्राम ओखली में जांच के दौरान भालू के पंजे के निशान मिले हैं। उनका मानना है कि मवेशियों पर हमला कर रहा अज्ञात जंगली जानवर भालू हो सकता है। इसकी जांच की जा रही है।


हिंसक जानवर का जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। इसे मार गिराने के लिए वन प्रभाग की ओर से मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की ओर से शीघ्र पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।-रमेश चंद भारती, रेंज अधिकारी लालढांग
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