08 फ्रिज में रखे तैयार केक को दिखाते सुनील सिंह पयाल।
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कोरोना काल में बेरोजगारी की मार सबसे ज्यादा होटल कर्मचारियों पर पड़ी है। बीते डेढ़ वर्ष से हजारों युवा बेरोजगार बैठे हैं, लेकिन परिवार की आजीविका को चलाने के लिए कई युवाओं ने स्वरोजगार को अपनाया है। उन्हीं में से एक यमकेश्वर ब्लॉक के सुनील सिंह पयाल भी हैं। वह स्वयं की बेकरी संचालित कर विभिन्न प्रकार के केक, बिस्कुट और पेस्ट्री आदि तैयार कर लोगों के मुंह में मिठास घोल रहे हैं।
यमकेश्वर ब्लॉक के आमणी तल्ली गांव निवासी सुनील पयाल ने बताया कि बीते दो दशक से वह पंजाब के जालंधर में एक बेकरी में काम करते थे। वहां वह बेकरी से संबंधित बिस्कुट, केक और पेस्ट्री आदि तैयार करते थे। सब ठीक चल रहा था, लेकिन कोरोना काल में उनका व्यवसाय चौपट हो गया। बेकरी स्वामी की ओर से मानदेय मिलना बंद हो गया। आजीविका और भरण पोषण नहीं होने के कारण नवंबर 2021 में वह अपने घर लौट आए। करीब दो महीने तक खाली रहने के बाद उन्होंने स्वरोजगार अपनाने की सोची। फिर उन्होंने गांव के समीप ही खैरखाल में एक दुकान किराये पर ले ली। तब से लेकर अब तक वह इस दुकान में बेकरी का काम कर रहे हैं। इसमें वह अलग-अलग स्वाद के केक लोगों को परोस रहे हैं। आसपास गांव के लोग शादी और जन्मदिन आदि समारोह के लिए उन्हीं की दुुकान से केक खरीद रहे हैं। सुनील ने बताया कि इससे उनके परिवार का भरण पोषण चल रहा है। उनके छोटे भाई ने बेकरी खोलने में उनकी आर्थिक रूप से मदद की।