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एम्स ऋषिकेश में मुरादाबाद की किशोरी की हार्ट की सफल सर्जरी

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ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों ने मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश निवासी एक 12 वर्षीय किशोरी के दिल की जन्मजात गंभीर बीमारी का सफल ऑपरेशन किया है।
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मुरादाबाद निवासी किशोरी के दिल में जन्म से छेद था, जिससे उसका शरीर नीला पड़ जाता था। मुरादाबाद के आसपास उच्च चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव होने के कारण उसके माता-पिता उसका उपचार नहीं करा पा रहे थे। किशोरी के परिजन उसे एम्स ऋषिकेश लाए। एम्स में सीटी स्कैन से पता चला कि किशोरी को डीओआरवी, पीएस नामक हृदय की बीमारी है। उसके शरीर में कुछ ऐसी नसें भी थी, जिन्हें ऑपरेशन से पहले एंजियोग्राफी से बंद करना था। संस्थान की हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल और डॉ. यश श्रीवास्तव ने एंजियोग्राफी के माध्यम से किशोरी की इन नसों में छल्ला डाला, जिसके बाद सीटीवीएस विभाग के पीडियाट्रिक कॉर्डियक सर्जन डॉ. अनीश गुप्ता ने उसकी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस सफलता के लिए एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने उन्हें प्रोत्साहित किया। किशोरी को अब पूर्णरूप से स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस अवसर पर डा. अजेय मिश्रा आदि थे।
यह एक जन्मजात हृदय की बीमारी है, जिसमें स्वच्छ और गंदे खून की नसें एक साथ एक ही खाने भाग से निकलती हैं तथा फेफड़े की नस में रुकावट रहती है। जिसके कारण बच्चे का शरीर नीला पड़ता है, साथ ही उसे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इस बीमारी से बच्चा कभी कभी बेहोश भी हो सकता है। इस बीमारी का पता इको और सीटी स्कैन से चल पाता है। जिसका उपचार ऑपरेशन से ही संभव है। इस बीमारी की जटिलता के हिसाब से बीमारी से संबंधित कई तरह से सर्जरी की जाती है। इस बीमारी के प्रति लापरवाही और बिना इलाज के जान जाने का खतरा होता है।
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