टिहरी-देहरादून जनपद की सीमा को जोड़ने वाले आस्था पथ और चंद्रभागा नदी के ऊपर बनने वाला स्टील गर्डर पुल का निर्माण अधर में लटक गया है। पुल निर्माण के लिए सिंचाई विभाग शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेज रहा है, लेकिन शासन स्तर से अभी तक पुल निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।
चंद्रभागा नदी के ऊपर त्रिवेणीघाट और पूर्णानंद आस्था पथ को जोड़ने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से यहां पर करीब 85 मीटर स्पान का स्टील गर्डर पुल निर्माण होना है। पुल निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से कई बार डीपीआर तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, लेकिन इस पर शासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हो रही है।
ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट और मुनि की रेती के पूर्णानंद आस्था पथ के बीच से चंद्रभागा नदी बहती है। जिससे देहरादून और टिहरी जनपद के गंगा तट के किनारे बनाए गए आस्था पथ एक दूसरे से कटे हुए हैं। इनको आपस में जोड़ने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे हैं।
इसके निर्माण के लिए वन मंत्री सुबोध उनियाल भी कई बार घोषणाएं कर चुके हैं। वर्ष 2022 में श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए दिए गए मांग पत्र में इसे शामिल किया था। तब मुख्यमंत्री ने भी दोनों आस्था पथों को जोड़ने के लिए चंद्रभागा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की थी।
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कोट
त्रिवेणीघाट और पूर्णानंद आस्था पथ को जोड़ने के लिए चंद्रभागा नदी पर स्टील गर्डर पुल निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से करीब 10 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई थी, लेकिन अब इसके लिए फिर रिवाइज रेट तैयार कर दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - सुरेंद्र श्रीकोटी, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग ऋषिकेश।