अर्द्घकुंभ मेला प्रशासन तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं जुटाने में नाकाम साबित हुआ है। करीब चार महीने का अर्द्घकुंभ मेला समाप्त होने को है, लेकिन मेला व्यवस्थाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करने वाला कुंभ प्रशासन अंतिम समय तक भी तीर्थ क्षेत्र में कई व्यवस्थाएं नहीं जुटा पाया है। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम क्षेत्र में मेला काल में शुरू से अब तक चरमराई सफाई व्यवस्था इसकी तस्दीक करती है।
मेला प्रशासन ने क्षेत्र में यात्रा काल के लिए सैकड़ों की तादाद में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की है। इसके बावजूद गंगा में गिरने वाले नालों की सफाई पर गौर नहीं किया गया। लगभग सभी नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। तीर्थनगरी में गंगा में गिरने वाले नालों की सफाई के लिए मेला प्रशासन ने बाकायदा नाला गैंग की नियुक्ति की है। इसमें करीब 25 सफाई कर्मी हैं।
लेकिन लक्ष्मणझूला से वेद निकेतन तक समूचे तीर्थ क्षेत्र में गंगा में गिरने वाले नालों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नियुक्त कर्मचारी नालों की देखरेख और साफ सफाई किए बिना ही मानदेय ले रहे हैं। अर्द्घकुंभ मेला समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। लेकिन अभी तक मेला प्रशासन को गंगा में गिर रहे नालों की सफाई की सुध नहीं आई है। सफाई के नाम पर मेले के दौरान लाखों रुपये खर्च दिखा दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अर्द्घकुंभ मेले में उम्मीद थी कि गंदगी से अटे नालों की सफाई होगी। लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण यह उम्मीद भी टूट गई।
गंगा में गिरने वाले नालों की भी सफाई की जा रही है। लेकिन स्थानीय लोग नालों में दोबारा गंदगी फेंककर चले जाते हैं। जिससे नालों में फिर से गंदगी डंप हो रही है।-राजवीर सिंह चौहान, सेक्टर सफाई निरीक्षक, अर्द्घकुंभ मेला