स्पर्श हिमालयन महोत्सव का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि व अन्य: आयोजक
लेखक गांव थानो में तीन दिवसीय स्पर्श हिमालय महोत्सव का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और देश विदेश से आए मेहमानों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में करीब 65 देशों के लेखक, चिंतन, राजनीतिज्ञ और कला क्षेत्र के लोग शामिल हुए।
किरेन रिजिजू ने कहा कि देश के अंदर और बाहर कई ताकतें देश को बरबाद करना चाहती हैं। आजादी के नाम पर कश्मीर और नार्थ ईस्ट को अलग करने की साजिश की जा रही है। देश विरोधी ताकतें नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश की तरह जनविद्रोह खड़ा करना चाहती है लेकिन हमारे देश की संस्कृति और संविधान दुनिया से अलग है। इसलिए भारत हमेशा अखंड रहेगा। हर बिंदू पर चर्चा के बाद करीब दो वर्ष 11 माह में भारत का संविधान बना है। सोवियत संघ सहित कई देश टूट गए लेकिन भारत मजबूती से खड़ा है।
भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि में 50 हजार वनस्पतियों का पूरा ब्योरा पुस्तक में दिया गया है। वहीं, अब भारत का संपूर्ण सही इतिहास लिखने का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम को महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, पूर्व राष्ट्रपति मॉरीशस पृथ्वीराज सिंह रूपन, पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्मश्री कैलाश खेर, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, डॉ. आरुषि निशंक, विदूषी निशंक आदि उपस्थित रहे।