बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ गया है। पिछले तीन महीनों में दूसरी बार घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ने से गृहणियों की चिंता बढ़ गई है।
रविवार से लागू नई कीमतों से घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे पहले 7 मार्च को भी सिलिंडर के दामों में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। अब घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत बढ़कर 961 रुपये तक पहुंच गई है। पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से बार-बार गैस के दाम बढ़ाए जाने से मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घर की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।
गृहिणी पूनम शर्मा ने बताया कि लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण उन्हें घर के अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, दूध, फल और दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं पर होने वाला खर्च भी अब प्रभावित होने लगा है। भविष्य की जरूरतों के लिए की जाने वाली छोटी-छोटी बचत भी रसोई के बढ़ते खर्चों में समाप्त होती जा रही है।
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परिचर्चा -
घरेलू गैस की कीमत में की गई बढ़ोतरी से मध्यमवर्गीय लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। मार्च माह के बाद अब जून में बढ़ती गैस की कीमत से गृहणियों के घर का बजट खराब हो गया है। सबसे ज्यादा मजदूरी करने वाले लोगों पर इसका असर देखा जा सकता है। - आरती खैरा, गंगानगर निवासी
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लगातार दो बार घरेलू गैस सिलिंडरों दाम से घर का बजट खराब हो गया है। जिससे घर की अन्य वस्तुओं पर कटौती करनी पड़ रही है। गैस के बढ़ते दाम से परेशान ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने अब लकड़ी और उपले का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है। सरकार को बढ़ती कीमतों पर रोक लगानी चाहिए। - गीता सिंह - मायाकुंड निवासी