टाइल्स निर्माण के लिए मार्ग पर रखे रेत के ढेर की चपेट में आने से घायल स्कूटी सवार युवती की मौत हो गई। मार्ग पर एक के बाद एक हो रही दुर्घटना से स्थानीय लोगों खासा में आक्रोश है। विभागीय लापरवाही से यह हादसा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, वीरपुखुर्द निवासी दीपा रानी (23) पुत्री रामलाल शर्मा ऋषिकेश में एक दुकान में जॉब करती थी। बताया जा रहा है कि सोमवार रात वह स्कूटी से रोज की तरह दुकान से लौट रही थी। वीरभद्र-बैराज मार्ग पर पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। अंधेरा होने की वजह से स्ट्रर्डिया आवासीय कॉलोनी के सामने उसे मार्ग पर पड़ा रेत का ढेर नजर नहीं आया और उसकी चपेट में आने से स्कूटी सहित काफी दूर मार्ग के दूसरे छोर तक घसीटते चली गई और गंभीर घायल हो गई। लहूलुहान हालत में उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया। मंगलवार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिवार का सहारा थी दीपा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, दो बहन और एक भाई में दीपा सबसे बड़ी थी। पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। लिहाजा दीपा परिवार में बड़े होने का फर्ज निभाते हुए प्राइवेट जॉब कर रही थी। उसके निधन से परिवार पर दुुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना से आक्रोशित लोगों ने किया घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। मार्ग पर पड़े रेत के ढेर की चपेट में आने से हुई स्कूटी सवार युवती की मौत से मंगलवार सुबह लोग भड़क गए। घटनास्थल वीरभद्र-बैराज मार्ग पहुंचकर पीडब्लूडी के मार्ग किनारे बिछाए जा रहे टाइल्स निर्माण कार्य को रुकवा दिया। कार्य रुकने की सूचना पर पीडब्लूडी के सहायक अभियंता अविनाश भारद्वाज मौके पर पहुंचे, जिन्हें लोगों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने कहा कि विभागीय लापरवाही से युवती की मौत हुई है। मृतक आश्रित को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर सहायक अभियंता को घेर लिया। काफी जद्दोजहद के बाद विभागीय अधिकारी के मामले में उचित कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए। मौके पर स्थानीय सभासद अशोक पासवान, विनोद मिश्रा, वीरेंद्र रयाल, लविश, बबलू, संतोष भट्ट, रविंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
आननफानन में हटाई निर्माण सामग्री
हादसे से सबक लेने के बाद विभाग ने वीरभद्र-बैराज मार्ग के किनारे टाइल्स बिछाने के लिए जगह-जगह ढेर के रूप में रखी रेत और बजरी को मंगलवार सुबह आननफानन में हटवाया।
पहले चेता चुका था अमर उजाला
पीडब्लूूडी के ठेकेदार द्वारा खोदे गए वीरभद्र-बैराज मार्ग के किनारे और मार्ग पर पड़े रेत और बजरी के ढेर से संभावित हादसे का खतरा बताते हुए अमर उजाला ने 10 दिसंबर के अंक में विभागीय लापरवाही जान पर भारी शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। उसके बाद भी विभाग नहीं चेता। नतीजा बीते सोमवार की रात अव्यवस्था से मार्ग पर हादसे में युवती की मौत है।