अविभाजित यूपी से अब तक भाजपा में कई अहम पदों पर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता संजीव सैनी ने पार्टी से बगावत का फैसला वापस ले लिया है। सीएम धामी, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं से बातचीत के बाद अब सैनी नगर पालिका अध्यक्ष पद पर निर्दलीय चुनाव नहीं लडेंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट नहीं मिलने से नाराज संजीव सैनी ने बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। जिससे डोईवाला में पार्टी असहज हो गई थी। पिछले चुनाव में भी पार्टी को बागी प्रत्याशी के कारण मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए इस बार पार्टी कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रही थी। मुख्यमंत्री आवास में सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट आदि नेताओं से मिलने के बाद सैनी ने बगावत का मन बदलकर पार्टी के लिए काम करने का फैसला किया है।
सैनी के नुन्नावाला स्थित कार्यालय में बुधवार शाम प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, प्रत्याशी नरेंद्र नेगी समेत कई नेता उनसे बातचीत करने पहुंचे। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि सैनी एक पुराने कार्यकर्ता हैं। उनकी भावनाएं अपनी जगह ठीक हैं। लेकिन अब उन्होंने निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ने का मन बना लिया है। जिससे भाजपा को और मजबूती मिलेगी।
संजीव सैनी ने कहा कि टिकट का विषय नहीं था। बात उनके मान-सम्मान की थी। सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं से मिलकर उन्होंने अपनी बात रख दी है। जिसके बाद उन्हें पार्टी के लिए काम करने का आदेश मिला है। इसलिए अब वो पार्टी के खिलाफ चुनाव नहीं लडेंगे। इस अवसर पर जिला महामंत्री राजेंद्र तडियाल, केवटचंद, अरुण सूद, ओमकार सैनी, मनवर नेगी, सुरेश सैनी, नितिन बडथ्वाल, संतोषी बहुगुणा आदि उपस्थित रहे।