टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड अरुणाचल प्रदेश में हाईड्रो परियोजनाएं तैयार करेगा। केंद्र सरकार की ओर से टीएचडीसीआईएल को प्रदेश के लोहित बेसिन में 1200 और 1750 मेगावाट की हाइड्रो परियोजना के निर्माण की पेशकश की गई है। जल्द ही टीएचडीसीआईएल अरुणाचल प्रदेश में अपना कार्यालय स्थापित करने जा रहा है।
प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष आरके विश्नोई ने केंद्र और राज्य सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि टीएचडीसीआईएल पहली बार अत्यधिक महत्वाकांक्षा के साथ भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रवेश करने जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टीएचडीसीआईएल छह परियोजनाओं को संचालित कर रही है। इनमें उत्तराखंड में टिहरी एचएचपी (1000 मेगवाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट) दो बड़ी जल विद्युत परियोजनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा उत्तरप्रद्रेश में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना, गुजरात के पाटन में 50 मेगावाट और द्वारका में 63 मेगावाट की दो पवन ऊर्जा परियोजनाएं और कासरगोड केरल में 50 मेगावाट की एक सौर ऊर्जा परियोजना है। इससे कुल स्थापित क्षमता 1557 मेगावाट हो गई है। प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष ने बताया कि टीएचडीसीआईएल के पास इस समय उत्तराखंड में बड़ी निर्माणाधीन टिहरी 1000 (मेगावाट) वीपीएचईपी (444 मेगावाट) और उत्तर प्रदेश में 1320 मेगावाट की खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना अग्रिम चरण में है।