वर्तमान में कॉकटेल पार्टियां स्टेट्स सिंबल बनती जा रही हैं। लोग ऐसी पार्टियों पर पानी की तरह पैसा बहाते हैं। परंपरा के रूप में विकसित हो रहा यह चलन धन की बर्बादी के अलावा युवा पीढ़ी को भी बिगाड़ रहा है। ऐसे में मागथा गांव की रश्मि ने अपनी शादी में कॉकटेल पार्टी को न कह कर बड़ा जज्बा दिखाया है। इस कदम को न केवल गांववालों ने सराहा, बल्कि वर पक्ष के लोगों ने भी समर्थन किया।
मामला यमकेश्वर ब्लॉक के मागथा गांव का है। यहां के निवासी स्व. दिनेश कुकरेती की बेटी रश्मि कुकरेती की बुधवार को शादी थी। रश्मि की मां देवेश्वरी देवी बताती हैं कि घर में शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थीं। रश्मि रिश्तेदारों के स्वागत में शराब परोसे जाने का विरोध कर रही थी। पहले तो उसका यह निर्णय अखरा, लेकिन बेटे ने भी बहन का पक्ष लिया। इसके बाद जब बात घर के बाहर गई तो लोगों ने रश्मि के जज्बे की सराहना की। बात ससुराल पक्ष तक पहुंची तो वर पक्ष के लोगों का भी समर्थन मिला। वर पक्ष ने भी रश्मि के फैसले का सराहा और शादी में शराब न परोसने के लिए हामी भर दी। देवेश्वरी देवी का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी के इस जज्बे पर गर्व है।
यहां बता दें कि कॉकटेल पार्टियों को बंद करने की मुहिम रोयल ऑफ मागथा संस्था चला रही है। संस्था 2015 से शादी में होने वाली कॉकटेल पार्टियों को बंद करने के दिए लोगों को जागरूक कर रही है। संस्था अध्यक्ष अलकेश कुकरेती ने बताया कि मुहिम के तहत अब तक गांव की तीन शादियों में शराब नहीं परोसी गई।