काली पट्टी बांधकर विरोध व्यक्त करते बस चालक व मालिक।
- फोटो : RISHIKESH
उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने वाहनों की आयु सीमा 10 वर्ष किए जाने पर रोष प्रकट करते हुए काली पट्टी बांधकर इसका विरोध किया है। मंगलवार को महासंघ से जुड़े सभी निजी वाहन व्यवसाइयों ने ऋषिकेश, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, नैनीताल, अलमोड़ा, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, बागेश्वर आदि क्षेत्रों में वाहन स्वामियों व चालकों ने रोष जताया है। इस आंदोलन में बस, ट्रक, सूमो, कमांडर, टैक्सी, मैक्सी, डंपर आदि यूनियन शामिल हुईं।
महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि वाहनों की सीमा 10 वर्ष किए जाने पर विचार करना आपातकाल की घंटी है। प्रदेश में वाहनों का संचालन 15 वर्षों में भी प्रदूषण करने की सीमा में नहीं है। इसका मुख्य कारण वाहनों का संचालन मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा आधे से भी कम है। इस दौरान वाहन स्वामियों ने एनजीटी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर मनोज ध्यानी, दिनेश बहुगुणा, नवीनचंद रमोला, सुरेश कंडियाल, बलवीर रौतेला, भूपाल नेगी, दाताराम रतूड़ी, दिलवर बिष्ट, मदन कोठारी, द्वारिका कोठारी, भानुप्रकाश रांगड़, चंदन पंवार, रूकम पोखरियाल, बृजभानु प्रकाश गिरि, राजेंद्र लांबा, सोनू लांबा, बच्चन गुप्ता, प्रकाश जाटव, नवीन जैन, कमल ममगाईं, सुरेंद्र गोस्वामी, जितेंद्र, आदर्श, भूपेंद्र राजभर आदि मौजूद रहे।