एनजीटी के आदेश के बाद गंगा की सहायक नदी के किनारे धड़ल्ले से कंक्रीट की दीवारें खड़ी हो रही हैं। शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण गंगा की सहायक नदियों के किनारे पक्का निर्माण कार्य जारी है। शासन-प्रशासन उचित कार्रवाई करने का राग गाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने की रस्म अदायगी कर रहा है। रायवाला, गौहरीमाफी में सौंग और सुसवा के किनारे कामर्शियल भवनों का निर्माण कार्य इन दिनों काफी तेजी से चल रहा है। लेकिन, राजस्व विभाग की टीम अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने गंगा की निर्मलता और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए गंगा से 200 और गंगा की सहायक नदियों से 100 मीटर की परिधि तक हर प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई है। एनजीटी की रोक के बावजूद भी गंगा और उसकी सहायक नदियों पर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। प्रतीतनगर, गौहरी माफी आदि जगहों पर नियम कानूनों को दरकिनार कर गंगा की सहायक नदी को पाटकर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।
अवैध निर्माण का खेल राजाजी पार्क से सट्टे इलाकों में भी जारी है। जंगल किनारे निर्माण से गंगा की निर्मलता, स्वच्छता प्रभावित हो रही है। लेकिन, नियम विरुद्ध बनाए जा रहे निर्माण की ओर शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। रायवाला, गौहरीमाफी में सौंग और सुसवा नदी किनारे नदियों को जेसीबी के सहारे पाटकर उस पर अवैध निर्माण जारी है। जबकि कई जगहों पर अवैध निर्माण पूरे हो चुके हैं। शासन-प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण पर कार्रवाई न करने से माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अवैध निर्माण दिन रात चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। लेकिन, वह कार्रवाई का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
खेती योग्य भूमि पर अवैध प्लाटिंग
रायवाला, प्रतीतनगर, छिद्दरवाला, गौहरीमाफी आदि जगहों पर भू-माफिया अधिक मुनाफा कमाने के लिए खेती योग्य भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। कृषि भूमि पर प्लाटिंग कराने के लिए लैंड यूज चेज करने का नियम है। लेकिन, यहां ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए करीब तीन महीने पहले लेखपाल के स्तर पर ऐसे अवैध निर्माण स्थल और प्लाटिंग की सूची तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी गई थी। लेकिन, अवैध निर्माण और प्लाटिंग पर रोक लगाने की बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
रायवाला, गौहरीमाफी में सौंग और सुसवा में अवैध निर्माण की शिकायतें मिली हैं। राजस्व निरीक्षक, कानूनगो इन क्षेत्रों में जाकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। निर्माण कर रहे कुछ लोगों से भूमि संबंधी पत्रावलियां भी मांगी गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार नियम विरुद्ध बनाए गए निर्माण कार्य को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - कुश्म चौहान, एसडीएम, ऋषिकेश