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नागरिकों के विश्वास का प्रतीक हैं पुलिसकर्मी : स्वामी चिदानंद

Wed, 22 Oct 2025 01:26 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर पुलिस स्मरण दिवस मनाते स्वामी चिदानंद सरस्वती और ऋ​षि कुमार। स्रोत
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पुलिस स्मरण दिवस पर परमार्थ निकेतन में कार्यक्रम का आयोजन कर बलिदानी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।
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परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि पुलिस स्मरण दिवस पर उन अदम्य साहस और अनन्य कर्तव्यनिष्ठा वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देकर भारत माता की सेवा की।



विशेष रूप से हम 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए वीर पुलिसकर्मियों की शहादत को याद कर उनके अद्वितीय साहस और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हैं। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि पुलिसकर्मी वेतन के लिए नहीं, बल्कि वतन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। उनकी हर चुनौती, हर कठिनाई और हर जोखिम देशभक्ति की मिसाल है।
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वे केवल वर्दीधारी ही नहीं, बल्कि मातृभूमि के सच्चे सिपाही हैं, जिनका हर सांस देश सेवा को समर्पित है। उनके लिए नौकरी नहीं, बल्कि कर्तव्य ही पूजा और राष्ट्रसेवा ही धर्म है। वे शांति के प्रहरी हैं, व्यवस्था के रक्षक और नागरिकों के विश्वास का प्रतीक हैं।
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उनका साहस और अनुशासन राष्ट्र की रीढ़ है। हर ड्यूटी, हर चुनौती और हर जोखिम में वे केवल एक ही संकल्प लेकर खड़े रहते हैं राष्ट्र पहले स्वयं बाद में। उनके त्याग से ही हमारा समाज सुरक्षित और सशक्त है। 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स की घटना भारत की वीर गाथाओं में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उस समय जब सीमाओं पर तनाव और खतरा चरम पर था, हमारे पुलिस कर्मियों ने अपनी जान की परवाह नहीं की और अपना सर्वोच्च साहस दिखाते हुए अपनी मातृभूमि की रक्षा की।
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