मुखर्जी मार्ग पर इस तरह जाम में फंसी फायर ब्रिगेड की गाड़ी।
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कोतवाली पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद बाजारों में पसरा अतिक्रमण नहीं हट पाया है। अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस की ओर से चालान की कार्रवाई से बेखौफ उन्होंने अपनी दुकानों का सामान सड़कों पर रख दिया है। इससे यहां लगातार जाम की समस्या बनी हुई है। सुरक्षा नियमों के तहत यहां फायर वाहनों के आवागमन के लिए पूर्ण स्थान उपलब्ध होना चाहिए। शुक्रवार को पटाखा दुकानों के निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग का वाहन कई दफा जाम में फंसता रहा और रेंगते हुए निकल पाया।
इस संबंध में अग्निशमन विभाग ने एसडीएम को पत्र भी लिखा था कि भीड़ वाले इलाकों में आतिशबाजी की दुकानें न लगने दी जाएं। इसके बावजूद न तो एसडीएम की ओर से कोई उचित कदम उठाए गए और न ही पुलिस ने औपचारिकता से आगे जिम्मेदारी निभाई। बीते कुछ दिनों से कोतवाली पुलिस की ओर से तीर्थनगरी के बाजार की सड़कों पर पसरे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई में अधिकांश रेहड़ी संचालक निशाने पर रहे हैं। दुकानों के बाहर सड़क पर रखे गए कुछ दुकानदारों पर भी पुलिस ने चालान की कार्रवाई की है।
शुक्रवार को भी पुलिस ने घाट रोड, तिलक रोड और रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर 21 लोगों का चालान किया था, लेकिन शनिवार को क्षेत्र रोड, मुखर्जी मार्ग, लाजपतराय मार्ग, सुभाष चौक, त्रिवेणी घाट आदि मार्गों पर दोबारा अतिक्रमण पसरा हुआ नजर आया। पुलिस की अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्रवाई से बेखौफ अतिक्रमणकारियों ने सड़कों पर ही अपनी दुकानों को सजा दिया है। सुरक्षा मानकों के तहत फायर वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
कोट्स
बाजारों में लगने वाले जाम को लेकर एसडीएम को पत्र लिखा जा चुका है। सड़क पर होने वाले अतिक्रमण को हटवाना पुलिस का काम है।
- हरीश चंद्र मिश्रा, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी