ट्रेन में सवार पिता-पुत्र को मुफ्त की चाय पीना भारी पड़ा गया। नशीली चाय की चुस्की लेते ही दोनों बेहोश हो गए। इसके बाद सक्रिय जहरखुरान उनके पास से नकदी और सामान लूटकर चंपत हो गए। पीड़ितों को बेसुध हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार तड़के दिल्ली से तीर्थनगरी पहुंची पैसेंजर ट्रेन की बोगी में चेकिंग के दौरान जीआरपी को तीन लोग बेसुध मिले। जीआरपी ने उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। दोपहर होश आने पर महेश (49) पुत्र महावीर निवासी ग्राम गड़सापुर, जिला सीतापुर यूपी ने बताया कि वह अपने 20 वर्षीय बेटे दीपू के साथ हरिद्वार आ रहा था।
रास्ते में एक सहयात्री ने चाय पिलाई, उसे पीते ही बेहोशी छा गई। उसके पास पांच हजार नकद और एक बैग में सामान था, जो गायब है। वहीं, ट्रेन में ही जहरखुरानी के शिकार व्यक्ति को देर शाम तक होश नहीं आ पाया। इससे उसकी पहचान नहीं हो सकी।