ड्रीम्स अनलिमिटेड प्रोड्क्शन हॉउस के बैनर तले बने लोक गायक धूम सिंह रावत के गढ़वाली गीत ‘मेरी गाजणा’ के वीडियो गाने का लोकार्पण जागर गायिका और पद्मश्री बसंती बिष्ट ने किया। उन्होंने युवाओं से गढ़वाली संस्कृति, बोली और भाषा को बचाने के लिए पश्चिमी सभ्यता की चकाचौंध से दूर रहने का आह्वान किया।
नगर पालिका सभागार में ड्रीम्स अनलिमिटेड प्रोड्क्शन हाउस की ओर से ‘मेरी गाजणा’ वीडियो गाने का लोकार्पण कार्यक्रम मुख्य अतिथि जागर गायिका और पद्मश्री से सम्मानित बसंती बिष्ट ने किया।
व्यवस्था परिवर्तन मंच के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे सिंह नेगी, प्रोड्क्शन हाउस निदेशक अनिरुद्ध गुप्ता ने गंगाजली देकर और शॉल ओढ़ाकर बसंती बिष्ट का स्वागत किया। बसंती ने गढ़वाली बोली, भाषा, सभ्यता, संस्कृति, रीति-रिवाज के घटते प्रचलन पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि गढ़वाली बोली और भाषा के विकास के लिए सरकार की ओर से कोई पहल न किए जाने से उत्तराखंडी भाषा, संस्कृति का प्रचलन कम हुआ है। उन्होंने गढ़वाली भाषा, सभ्यता, संस्कृति को प्रचलन में बढ़ाने के लिए माता-पिता से घर में अपने बच्चों के साथ गढ़वाली भाषा में बात करने की अपील की है।
कार्यक्रम में रिद्धिमिक बैंड ने शानदार गढ़वाली गीत धरती हमारा गढ़वाल की, बेडू पाको बारह मासा की प्रस्तुती दी। इस अवसर पर पुरुषोतम जेठुठी, पूजा काला, विकेश मोगली, कुसुम जोशी, सरोज डिमरी, ऊषा रावत, उषा डोभाल, विक्रम रावत, विकास बहुगुणा, मोहन शर्मा, प्रीति शर्मा, आशुतोष आदि उपस्थित रहे।