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मुनाफे के चक्कर में पर्यटकों की जान के साथ हो रहा खिलवाड़

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हाल ही में कोलकाता के पर्यटक की राफ्ट पलटने के बाद डूबने की घटना से पर्यटन विभाग और राफ्टिंग संचालकों ने सबक नहीं लिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ऋषिकेश में राफ्टिंग के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। राफ्टिंग संचालक अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में राफ्ट में क्षमता से अधिक पर्यटकों को बैठा रहे हैं। ऐसे में ओवरलोडिंग के चलते पर्यटकों की जान को खतरे में डाला जा रहा है, जबकि पर्यटक भी रोमांच के चक्कर में सामने मौजूद खतरे को नजर अंदाज कर रहे हैं।
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चिलचिलाती और उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और हिमाचल के लोग योगनगरी ऋषिकेश का रुख कर रहे हैं। पर्यटकों में राफ्टिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह है। रोजाना मरीन ड्राइव, कौड़ियाला, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, क्लब हाउस और फूलचट्टी संगम से सैकड़ों की संख्या में रंग-बिरंगी राफ्टें गंगा में उतारी जा रही हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखकर ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में राफ्टिंग संचालक उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एक राफ्ट पर नियमानुसार आठ पर्यटक और एक गाइड बैठाया जाता है, लेकिन राफ्टिंग संचालक एक राफ्ट पर 10 से 12 पर्यटकों को बैठाकर भेज रहे हैं। जब राफ्ट ओवरलोड हो जाती है तो उसके पलटने की आशंका होती है। वहीं जब रैपिड पर राफ्ट पलटती है तो सवारी अधिक होने पर राफ्टिंग गाइड के सामने गंगा में बहने वाले पर्यटकों को बचाना बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में चूक की गुंजाइश से पर्यटकों के डूबने की आशंका बनी रहती है।
नशे की पिनक में खेवनहार
- राफ्ट के संचालन और पर्यटकों की सुरक्षा की बागडोर राफ्टिंग गाइड के हाथों में होती है। राफ्टिंग गाइड को एक बार राफ्ट ले जाने पर 600 से 800 रुपये का मिलते हैं। कई राफ्टिंग गाइड अधिक रुपये कमाने के चक्कर में तीन से चार चक्कर तक लगा देते हैं। थकान को कम करने और ऊर्जा को बनाए रखने के लिए राफ्टिंग गाइड स्मैक, चरस, गांजा और शराब जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। जब राफ्ट पलटती हो तो नशे में होने के चलते गाइड तुरंत निर्णय लेकर पूरी रेस्क्यू अभियान शुरू करने की स्थिति में नहीं होते हैं।
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वाहनों पर लादी जा रही दो-दो राफ्ट
नियमानुसार फिनिशिंग प्वाइंट पर पहुंचने के बाद राफ्ट की हवा निकालकर उसको पैक कर ले जाना पड़ता है, लेकिन राफ्टिंग संचालक वाहनों में हवा से भरी हुई एक नहीं दो-दो राफ्टों को लेकर जाते हैं। इसी वाहन में पर्यटक भी सवार होते हैं। सड़क पर चढ़ाई पर आने वाले घुमावदार मोड़ों पर क्षमता से अधिक वजन के चलते वाहनों के पलटने की आशंका बनी रहती है। इससे आरटीओ, पुलिस और पर्यटन विभाग की खामोशी पर सवाल उठते हैं।
पुराने लाइफ जैकेट, हल्के हेलमेट का हो रहा प्रयोग
राफ्टिंग संचालक खर्चा बचाने के लिए लाइफ जैकेट को नहीं बदलते हैं। कई राफ्टिंग संचालक पुरानी जैकेट का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं कई राफ्टिंग संचालकों के पर्यटकों को दिए जाने वाले हेलमेट की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। जब राफ्ट पलटती है तो पर्यटक की लाइफ जैकेट के खुलने और सिर पर चोट आने उसके डूबने की आशंका बनी रहती है। कोलकाता का पर्यटक भी राफ्ट पलटने के बाद लाइफ जैकेट खुलने से डूबा था।
क्या करें पर्यटक
- आठ पर्यटकों से अधिक बैठाने पर आपत्ति जताएं।
- अगर राफ्टिंग गाइड नशे में है तो राफ्ट पर जाने से साफ इंकार कर दें।
- राफ्ट और पर्यटकों से ओवरलोड वाहनों में न बैठें।
- लाइफ जैकेट और हेलमेट को चेक कर लें।
- पर्यटक पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर, मुनिकीरेती थाना 01352-430041, थाना निरीक्षक 9411112842 को शिकायत कर सकते हैं।
20 से अधिक राफ्टिंग संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें राफ्ट व वाहन में ओवरलोडिंग, पुरानी लाइफ जैकेट को न बदलने, हल्के हेलमेट का प्रयोग जैसी लापरवाही पाई गई थी। दोबारा निरीक्षण के दौरान सुधार नहीं आता है तो संबंधित राफ्टिंग संचालक का परमिट निरस्त करने के लिए मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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- खुशाल सिंह, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी, टिहरी गढ़वाल
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