संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। हरेला पर्व पर बृहस्पतिवार को शहरभर में पर्यावरण संरक्षण की दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक ओर सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं ने विभिन्न स्थानों पर हजारों पौधे रोपकर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया, वहीं दूसरी ओर भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए काटे जा रहे पेड़ों को बचाने के लिए सैकड़ों युवा, महिलाएं और पर्यावरण प्रेमी पेड़ कटान स्थल पर जुटे रहे।
पेड़ कटान स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने पौधों को अपने साथ रखकर धरना दिया और लोकगीतों के माध्यम से पेड़ों के संरक्षण का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों ने विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखने की मांग दोहराई। भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए अब तक 300 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। करीब 19 किलोमीटर लंबे मार्ग पर तीन हजार से अधिक पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है, जिसका पर्यावरण प्रेमी शुरुआत से ही विरोध कर रहे हैं।
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हरेला पर्व पर रुका पेड़ों का कटान, विरोध प्रदर्शन जारी
ऋषिकेश। हरेला पर्व के अवसर पर गुरुवार को वन निगम ने भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के तहत पेड़ों का कटान नहीं किया। भानियावाला से ऋषिकेश तक करीब 19 किलोमीटर लंबे मार्ग पर तीन हजार से अधिक पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है। इनमें से अब तक 300 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। पिछले दो सप्ताह से लगातार चल रहे कटान के विरोध में पर्यावरण प्रेमी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वन निगम के अनुभाग अधिकारी डीआर सेमवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को पेड़ों का कटान नहीं किया गया है। अब तक काटे गए पेड़ों का उठान किया गया। शुक्रवार से फिर कटान कार्य शुरू होगा।