एक दिन के अवकाश के बाद शुक्रवार को राजकीय उपजिला चिकित्सालय में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की ओपीडी में 576 मरीज पहुंचे लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आईं। ओपीडी पंजीकरण का सॉफ्टवेयर तकनीकी खराबी का शिकार हो गया, जिससे मरीजों की पर्चियां हाथ से बनानी पड़ीं। इस प्रक्रिया में अधिक समय लगने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा।
शुक्रवार सुबह से ही पंजीकरण काउंटर पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सॉफ्टवेयर काम नहीं करने के कारण कर्मचारियों ने मैनुअल तरीके से पर्चियां बनानी शुरू कीं लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने से व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया।
इसका सीधा असर ओपीडी सेवाओं पर पड़ा और कई मरीजों को चिकित्सक तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ आए परिजनों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
उधर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं। इलाज के लिए पहुंचीं गर्भवती महिलाओं का कहना था कि सुबह काफी देर तक चिकित्सक विभाग में नहीं पहुंचे, जिससे उन्हें इंतजार करना पड़ा। वहीं विभाग में लगे पंखे भी खराब पड़े रहे। उमस और गर्मी के बीच महिलाओं व उनके तीमारदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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हरेला के अवकाश के बाद शुक्रवार को अस्पताल खुलने पर मरीजों की भीड़ काफी बढ़ गई थी। ओपीडी पंजीकरण सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या आ गई थी। जिससे पर्चियां हाथ से बनानी पड़ीं। किसी भी मरीज को कोई असुविधा न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस।