13 बीटीसी परिसर में दिल्ली जाने के लिए रोडवेज बसों का इंतजार करती सवारियां
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ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर बसों की कमी के चलते बस ट्रांजिट कंपाउंड में सवारियों को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। इस दौरान सवारियां घंटों बसों के इंतजार में खड़ी रही। आलम यह रहा कि अधिकांश सवारियां अपने गंतव्य तक वाहन बदल-बदल कर पहुंचे। दिल्ली रूट पर नई गाड़ियां शामिल होने के बाद करीब 36 रोडवेज बसों का संचालन होता था। इनमें से पांच बसे वर्कशॉप पर खड़ी हो गई हैं। इस रूट पर अब मात्र 31 बसें संचालित हो रही हैं।
विदित हो कि 27 नवंबर को राज्य परिवहन निगम ने टाटा से खरीदी गई नई बसों में गियर लीवर के टूूटने व अन्य तकनीकी खराबी की शिकायतों के बाद इन बसों के संचालन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से सड़क पर दौड़ रही इन नई 125 रोडवेज बसों को उनके डिपो की वर्कशाप में खड़ा कर दिया गया। उस दौरान ऋषिकेश डिपो में इन नई रोडवेज बसों में से आठ का संचालन किया जा रहा था। इनमें पांच रोडवेज बसों का संचालन ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर हो रहा था। बीते दिनों पहाड़ों में बर्फबारी का लुत्फ लेने के लिए बड़ी संख्या में पहाड़ों में पर्यटक पहुंचे थे।
इनमें से अधिकांश रविवार को अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। इस दौरान दिल्ली जाने के लिए बड़ी संख्या में सवारियां यात्रा बस स्टैंड के बीटीसी परिसर में पहुंची। मगर यहां दिल्ली जाने वाली गाड़ियों का अता-पता नहीं था। सवारियों को घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ा। मजबूरन अधिकांश सवारियां वाल्वो में महंगा किराया देकर तो कुछ सवारियां वाहनों को बदल-बदल कर अपने गंतव्य तक पहुंची। परिवहन विभाग ऋषिकेश डिपो के इंचार्ज हरेंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान में जून नई रोडवेज बसों को वर्कशाप में खड़ा किया गया है। वर्तमान में ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर 20 साधारण और 11 वाल्वों बसों का संचालन किया जाता है।