जल संस्थान तीर्थनगरी में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। इसकी तस्दीक संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में महीनों से खुली पड़ी पेयजल टंकी करती है। काफी समय से खुली टंकी के जरिये पानी में मिल रहे धूल के गुबार से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। लेकिन जिम्मेदार महकमे को टैंक की सफाई तो दूर उसकी सुरक्षा के लिए ढक्कन बंद करने तक की फुरसत नहीं है।
लोगों को स्वच्छ पेयजल का सेवन करने का संदेश देने वाला जल संस्थान खुद पानी को स्वच्छता के लिए संजीदा नहीं है। इसकी एक बानगी रोजाना हजारों तीर्थयात्रियों की भीड़ वाले संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में लंबे समय से खुली पानी की टंकी है। यह ढक्कन विभाग के किसी कर्मचारी ने हटाया और उसे बंद करना भूले या किसी बाहरी तत्व ने इसे हटा दिया है, यह तो स्पष्ट नहीं है।
लेकिन यह साफ है कि महकमा लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर गंभीर नहीं है। स्थानीय लोगों और कुछ व्यवसायियों ने बताया कि टंकी का ढक्कन कई महीनों से खुला है। टंकी में आसपास से उठने वाली धूल के कण जमा हो रहे हैं और जल प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बार विभाग को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन किसी ने इसका संज्ञान लेना उचित नहीं समझा। लिहाजा टंकी से रोजाना लोग दूषित पानी का सेवन करने को मजबूर हैं।