- फिजिशियन की ओपीडी में पहुंचे 200 से अधिक मरीज, डॉक्टर न मिलने पर कुछ मरीज बिना उपचार लौटे
- दो दिन के अवकाश के बाद खुले राजकीय उपजिला चिकित्सालय में उमड़ी मरीजों की भीड़, कुछ बिना उपचार लौटे
ऋषिकेश। राजकीय उपजिला चिकित्सालय में सोमवार को मरीजों की रिकॉर्ड ओपीडी रही। एक ही दिन में 716 मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में लंबे समय से फिजिशियन, आर्थोसर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ के पद खाली होने से स्थिति और गंभीर रही। सोमवार को सबसे अधिक दबाव फिजिशियन की ओपीडी पर रहा, जहां 200 से अधिक मरीज पहुंचे, लेकिन फिजिशियन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ा। कुछ मरीज बिना उपचार कराए ही वापस लौट गए। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने के कारण सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। सबसे ज्यादा मरीज फिजिशियन को दिखाने पहुंचे थे। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिलने पर मरीजों को अस्पताल के अन्य चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ा। इससे सर्जन समेत अन्य चिकित्सकों पर भी काम का दबाव बढ़ गया।
फिजिशियन नहीं होने पर लौटना पड़ा
ढालवाला क्षेत्र से अपनी माता को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे देवेंद्र जोशी ने बताया कि वह फिजिशियन को दिखाने आए थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि यहां फिजिशियन उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते उन्हें बिना उपचार लौटना पड़ा। अस्पताल में फिजिशियन के साथ-साथ आर्थोसर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ की कमी लंबे समय से बनी हुई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता का सीधा असर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है। सोमवार को रिकॉर्ड 716 मरीजों की ओपीडी के बीच विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया।
716 मरीज लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
उपजिला चिकित्सालय, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बीच विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। लोगों ने अस्पताल में फिजिशियन, आर्थोसर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ की शीघ्र तैनाती की मांग की है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
- फिजिशियन, आर्थोसर्जन व त्वचा रोग विशेषज्ञ के रिक्त पदों के संबंध में शासन को अवगत कराया गया है। सीमित संसाधनों में बेहतर सेवाएं देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस।