ऋषिकेश एसडीएम को ज्ञापन सौंपते जनप्रतिनिधि: जागरूक पाठक
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रानीपोखरी क्षेत्र में विधि विश्वविद्यालय की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। प्रधान संगठन ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज मामले में कार्रवाई की मांग की है। 15 दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 2 मार्च 2019 में लिष्ट्राबाद गांव में रेशम विभाग की करीब दस एकड़ भूमि पर देश की 22वीं लॉ यूनिवर्सिटी बनाने के लिए शिलान्यास किया गया था। जिसे उस वक्त करीब 26 करोड़ की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित था। लेकिन सात वर्ष बाद भी यह यूनिवर्सिटी शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाई है। अब रानीपोखरी प्रधान संगठन ने रानीपोखरी में प्रस्तावित लॉ यूनिवर्सिटी खोले जाने की मांग की है। प्रधान संगठन की तरफ से सोमवार को इस मामले में एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया है। प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप सिंह चौहान ने कहा कि भट्टनगरी लिष्ट्राबाद में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लॉ यूनिवर्सिटी बनाने के लिए शिलान्यास किया था। यह मामला शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाया है।अब इस जमीन को प्रदेश सरकार की ओर से किसी अन्य को आवंटित किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों में रोष है। बीते 30 जनवरी को न्याय पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने बैठक कर भूमि आंवटन को निरस्त करने की मांग की। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के अंदर प्रदेश सरकार इस पर कोई फैसला नहीं लेती है तो स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में पुष्पराज बहुगुणा, सतीश सेमवाल, नितिन पंवार, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।