छुट्टी की अर्जी और सीएमएस को सूचना दिए बगैर कक्ष में ताला लगाकर गायब हुए दंत चिकित्सक दूसरे दिन भी नहीं लौटे। मंगलवार को भी उनके कक्ष के बाहर मरीज पर्चा बनवाकर उनके इंतजार में घंटों खड़े रहे। आखिरकार अस्पताल प्रशासन ने परीक्षण कक्ष का ताला तोड़कर मरीजों के उपचार की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई।
मंगलवार को दूसरे दिन भी सरकारी अस्पताल में दांत संबंधी रोग से ग्रस्त मरीजों ने पर्चा बनवाया। प्रथम तल पर स्थित दंत रोग विशेषज्ञ के कक्ष पहुंचे तो परीक्षण कक्ष में ताला लटका मिला। मरीजों ने बताया कि करीब घंटे भर से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं।
एक कमरे में डॉक्टर के सहायक डेंटल हाइजिनिस्ट तैनात हैं, लेकिन दंत परीक्षण कक्ष बंद होने के कारण उपचार नहीं हो रहा है। अस्पताल प्रशासन ने दोपहर करीब 12 बजे परीक्षण कक्ष का ताला तोड़कर मरीजों को राहत पहुंचाई। वैकल्पिक व्यवस्था बनने पर मरीज का उपचार हो सका।
छुट्टी की अर्जी और मौखिक रूप से सूचना दिए बिना गायब हुए डॉक्टर के मोबाइल पर लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। तिलक रोड स्थित सरकारी आवास में भी डॉक्टर नहीं हैं। फिलहाल डेंटल हाइजिनिस्ट से काम लिया जा रहा है। दो दिन तक डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. अशोक कुमार गैरोला, मुख्य चिकित्साधीक्षक