ऋषिकेश। महाकुंभ 2021 में श्रीदेवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में 24 और 25 अप्रैल को अलग स्थानों से देवडोलियां ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा स्नान करेंगी। पारंपरिक बाद्य यंत्रों से यह डोलियां यहां आएंगी।
रूकमणीमाई धर्मशाला में आयोजित श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति की बैठक में कार्यक्रम को लेकर चर्चा की गई। समिति संरक्षक और ऋषिकेश मेयर अनिता ममगाईं ने बताया कि उत्तराखंड, नेपाल, महाराष्ट्र, हिमाचल, आदि स्थानों से देव डोलियां शामिल होंगी। देव डोलियां 24 अप्रैल को ऋषिकेश त्रिवेणीघाट और 25 अप्रैल को हरिद्वार ब्रह्मकुंड में स्नान करेंगी। 24 अप्रैल को देवडोलियों के गंगा स्नान के बाद झंडा चौक स्थित भरत मंदिर में हृषिकेश नारायण भरत भगवान की परिक्रमा भी की जाएगी। श्री बदरीनाथ के ध्वज और सेममुखेम नागराजा की अगुवाई में शोभा यात्रा निकलेगी। ऋषिकेश में देवडोलियों, निशान एवं अन्य प्रतीकों का भव्य स्वागत किया जाएगा। संयोजक संजय शास्त्री ने बताया कि 25 फरवरी को त्रिवेणीघाट और भद्रकाली मंदिर ढालवाला में धर्म ध्वजा की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर वंशीधर पोखरियाल, महंत विनय सारस्वत, रमाबल्लभ भट्ट,नगर पालिका मुनिकीरेती के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, वीरेंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, कमला प्रसाद भट्ट, रमेश पैन्यूली, ज्योति सजवाण, सरोज डिमरी, वेदप्रकाश शर्मा, गंभीर मेवाड़, प्यारेलाल जुगरान, रामकृपाल गौतम, मदन मोहन शर्मा, सरोजनी थपलियाल, पुष्पा ध्यानी, अनिता तिवाड़ी, बीएस रांगड, विशालमणि पैन्यूली, स्वामी नागेंद्र पुरी आदि थे।