जौलीग्रांट। श्रम विभाग की ओर से रानीपोखरी के ग्रामीण क्षेत्रों में मकान मालिकों को एक प्रतिशत सेस जमा करने का नोटिस दिए जाने से खलबली मच गई है। नोटिस से नाराज ग्राम प्रधानों ने रानीपोखरी में बैठक कर श्रम विभाग के नोटिस का विरोध करते हुए धरने-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण पहले ही एमडीडीए की मनमानी से परेशान हैं। लोग अपनी वर्षों की जमा पूंजी से घर बनाते हैं। जिसके बाद एमडीडीए नोटिस भेजकर उन्हें परेशान करता है। अब श्रम विभाग भी ग्रामीणों को नोटिस भेजकर भवन निर्माण लागत का एक प्रतिशत सेस जमा करने का नोटिस दे रहा है।
ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि नोटिस में एक प्रतिशत पैसा जमा कराने के साथ ही निर्माणाधीन भवन, निर्माण कार्य का पंजीयन प्रमाण पत्र, किए गए निर्माण कार्य की अवधि और कुल निर्माण लागत की प्रमाणित प्रति जमा कराने को कहा गया है। इसके अलावा कई अन्य दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
नोटिस में समय पर अभिलेख जमा नहीं कराने पर संबंधित अधिनियम के तहत उपकर की धनराशि पर निर्धारित ब्याज और शत प्रतिशत भुगतान की वसूली की बात भी कही गई है। पूर्व प्रधान पुष्पराज बहुगुणा ने कहा सेस का विरोध किया जाएगा। बैठक में लिष्ट्राबाद प्रधान अनिल, गडूल प्रधान स्वीटी रावत, रखवालगांव प्रधान दीपक रावत, भोगपुर प्रधान चांद खान, सारंघरवाला प्रधान आनंद रावत, बड़कोट प्रधान दीक्षा भट्ट आदि उपस्थित रहे।