ऋषिकेश। इस बार आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह आसान नहीं होगी। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 14 हजार 801 मतों के भारी अंतर से कांग्रेस का क्लीन स्वीप किया था, लेकिन इस बार स्थानीय मुद्दों के साथ राष्ट्रीय मुद्दे भी चुनाव में काफी अहम होंगे।
ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में विपक्षी दलों ने अभी देश में बढ़ती महंगाई और कृषि कानून को लेकर सरकार के बैकफुट पर आने पर प्रमुख मुद्दा बना रखा है। वहीं श्यामपुर फाटक पर फ्लाईओवर या अंडर पास का निर्माण, नया डिग्री कॉलेज, कोयल ग्रांट से चंद्रभागा पुल तक हाईवे का चौड़ीकरण, मल्टी स्टोरी पार्किंग, एम्स को विस्तार के प्रस्तावित 200 एकड़ भूमि का हस्तांतरण, ट्रांसपोर्ट नगर, आईडीपीएल स्थित विभिन्न कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने की मांग और तीर्थनगरी को विश्व पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने, निगम में शामिल नए वार्डों का शहरीकरण जैसे स्थानीय मुद्दे चुनाव से पहले ऋषिकेश की अबोहवा में तैर रहे हैं। मौजूदा विधायक तीन विधानसभा चुनावों में लगातार भाजपा के विजयी रथ को आगे बढ़ाते नगर आ रहे हैं। इसके बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कई कार्यक्रमों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओें में आपसी खींचतान भी नजर आती है। वहीं कांग्रेस में दावेदारी के लिए नेताओं में होड़ मची है, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दे दोनों केंद्र में होंगे। ऐसे में चुनाव घमासान में कड़े मुकाबले की उम्मीद है।
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शहर के विकास के लिए पिछले 15 साल में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। विभिन्न योजनाओं और विधायक निधि से क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाया गया है। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नए जर्जर ट्रांसफार्मर और लाइनों और खंभों और बंचिंग केबल बिछाने का कार्य किया गया है। क्षेत्र में बड़ी पेयजल योजना संचालित कर घर-घर तक पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। एसटीपी प्लांट का निर्माण कर गंगा को निर्मल बनाए रखने का कार्य किया गया है।
-प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक
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भाजपा के ट्रिपल इंजन ने शहर में विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। शहर में एक दशक से भी अधिक समय का जमा कूड़ा निस्तारण हो रहा है। लालपानी बीट एक में नया कूड़ा निस्तारण संयंत्र के लिए नगर निगम को केंद्र से 10 हेक्टयर वन भूमि के हस्तांतरण की स्वीकृति मिल गई है। आईएसबीटी में वेंडिंग जोन में 250 दुकानें स्थापित कर रोजगार देने का काम किया गया है। शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है।
-अनीता ममगाईं, मेयर, ऋषिकेश
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पिछले 15 साल में स्थानीय विधायक ने अपने घोषणापत्र का एक भी वादा पूरा नहीं किया। ऋषिकेश को जिला बनाना, नया डिग्री कॉलेज, गंगा की अविरल धारा को त्रिवेणी घाट तक लाना, संजय झील का सौंदर्यीकरण, ट्रांसपोर्ट नगर, मिनी स्टेडियम, 20 बेड का अस्पताल जैसी घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। उल्टा उद्योग बंद होने से क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी है। क्षेत्र का आम आदमी बेरोजगारी और महंगाई की दोहरी मार झेल रहा है।
-राजपाल खरोला, प्रदेश महासचिव कांग्रेस
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भाजपा स्थानीय युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है। युवाओं को रोजगार के लिए क्षेत्र से पलायन करना पड़ रहा है। एम्स से स्थानीय युवकों को बाहर करने के मामले पर सरकार ने चुप्पी साधे रखी। शहर में पार्किंग न होने से पर्यटक सीधा मुनिकीरेती पहुंच जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। तकनीकी संस्थान न होने के चलते छात्रों को पढ़ाई के लिए देहरादून और हरिद्वार का रुख करना पड़ रहा है।
-जयेंद्र रमोला, एआईसीसी सदस्य
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ऋषिकेश का आम वर्ग महंगाई और बेरोजगारी दोनों से त्रस्त है। तकनीकी शिक्षा के नाम पर क्षेत्र को केवल एक पॉलीटेक्निक कॉलेज मिला। हाईवे के किनारे पर्यटकों की सुविधा के शौचालय तक नहीं बना। नया डिग्री कॉलेज भाजपा और कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल रहता है, लेकिन अब तक बन नहीं पाया है। क्षेत्र में कोचिंग, स्टेडियम और पार्किंग के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकारों ने कोई काम नहीं किया।
-राजे सिंह नेगी, विधानसभा प्रभारी, आप