- प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने सुनाया फैसला
ऋषिकेश। पांच साल पुराने हत्याकांड के मामले में आरोपी मां और दो बेटों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। साथ ही अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सभी आरोपी बीते पांच वर्षों से जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
घमंडपुर रानीपोखरी निवासी विजय शर्मा ने 29 मई 2020 को थाना रानीपोखरी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी बहन अर्चना का विवाह करीब चार वर्ष पहले रामनगर डांडा निवासी मुकेश मोहन बहुगुणा से हुआ था। आरोप था कि विवाह के कुछ समय बाद से ही सास विमला देवी, पति मुकेश मोहन बहुगुणा और देवर अखिलेश मोहन बहुगुणा घरेलू विवादों होने पर उसे परेशान करते थे।
28 मई 2020 की रात अर्चना ने अपनी बहन को फोन कर बताया कि उसके साथ मारपीट की जा रही है। सूचना मिलने पर उसके भाई विजय शर्मा, बहन सरस्वती और अन्य परिजन ससुराल पहुंचे। आरोप था कि वहां अर्चना के साथ मारपीट की जा रही थी और उसका देवर अखिलेश मोहन बहुगुणा बंदूक लेकर खड़ा था। परिजनों के बीच-बचाव करने के दौरान विवाद बढ़ गया। इसी दौरान अखिलेश ने गोली चला दी जिसमें अर्चना के भाई अजय शर्मा को गोली लग गई। परिजन उसे उपचार के लिए हिमालयन अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। आरोपियों को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। दोषियों पर 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थ दंड न भुगतने पर 6-6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।