फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाखन नदी में अनियोजित खनन भी बना रानीपोखरी मोटरपुल ढहने का कारण

विज्ञापन
जाखन नदी में भोगपुर के पास वन विकास निगम की ओर से किया गया खनन। फाइल फोटो- 16 मई 2019 - फोटो : RISHIKESH
विज्ञापन
ऋषिकेश। जाखन नदी में भोगपुर क्षेत्र में नागाघेर गांव के सामने वन विकास निगम देहरादून की ओर से कराए नियम विरुद्ध खनन (चुगान) को भी स्थानीय लोग मोटरपुल गिरने का कारण बता रहे हैं। वन विकास निगम ने डेढ़ मीटर के मानक को नजरंदाज कर तीन से पांच मीटर तक गहराई तक खनन करवा दिया। जिससे मौके पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए थे।
विज्ञापन

वन विकास निगम की ओर से वर्ष 2018-19 में रानीपोखरी मोटरपुल के पास जाखन नदी में खनन कराया गया था। मानकों के अनुसार मजदूरों से नदी में खनन कराया जाता है। डेढ़ मीटर से गहरी खोदाई नहीं कर सकते। लेकिन मई 2019 की जो मौके की फोटो हैं उनमें वन विकास निगम की ओर से अनियोजित खनन करवाते हुए नदी में खाई सी बना दी गई थी। करीब तीन से पांच मीटर तक नदी से खनन कर दिया गया। वन विकास निगम की ओर से जहां पर खनन किया गया वह क्षेत्र रानीपोखरी स्थित मोटरपुल से ऊपर की ओर (थानो रेंज) डेढ़ किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन करने के दौरान वन विकास निगम की ओर से मानकों की अनदेखी की गई। 2019 की बरसात में जाखन नदी में नागाघेर गांव के पास और ऊपर की ओर से कई स्थानों पर तालाब बन गए थे।
- भोगपुर पहुंचे वन विकास निगम के अधिकारी
- समाचार पत्रों में थानो रेंज की जाखन नदी में वन विकास निगम की ओर से पूर्व में चुगान के दौरान अवैध खनन होने की सूचना प्रकाशित होने के बाद वन विकास निगम के अधिकारी भोगपुर जा पहुंचे। वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आईएस नेगी अपनी टीम के साथ भोगपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर जोशी से पूर्व में हुए अवैध खनन को लेकर जानकारी जुटाई। जोशी ने उन्हें तत्काल में हुए अवैध खनन की फोटो उपलब्ध कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें