31 अक्तूबर को गुमानीवाला माया मार्केट शिव मंदिर के समीप कंटेनर की चपेट में आए 40 वर्षीय जगदीश प्रसाद सिलस्वाल पुत्र स्व. भोला दत्त सिलस्वाल निवासी गीतानगर वैष्णो माता मंदिर गली नंबर 20 की रविवार देर रात एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस कार्रवाई से नाखुश ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी, लापरवाह पुलिसकर्मी के निलंबन, मुआवजा, संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दो घंटे तक हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। कोतवाल रितेश शाह की ओर से अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज और 36 घंटे के अंदर गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खुलवाया गया। इसके बाद ग्रामीण शव लेकर दाह संस्कार को चले गए।
बीते 31 अक्तूूबर की दोपहर ढाई बजे जगदीश प्रसाद सिलस्वाल ग्लास फैक्ट्री से सुबह की ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। तभी गुमानीवाला माया मार्केट शिव मंदिर के समीप एक स्कूल बस रुकी। स्कूल बस के पीछे जगदीश प्रसाद ने भी बाइक रोकी। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक कंटेनर जगदीश प्रसाद को कुचलता हुआ आगे निकल गया। कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने चालक को पकड़कर श्यामपुर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि अगले ही दिन पुलिस ने कंटेनर और चालक को छोड़ दिया। उधर, जगदीश प्रसाद के हेलमेट पहनने के कारण सिर को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन शरीर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह कुचला गया। उन्हें तत्काल निजी वाहन से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। यहां उनका उपचार चल रहा था। रविवार की देर रात जगदीश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जगदीश की मौत से आक्रोशित करीब दो सौ ग्रामीणों ने सोमवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कंटेनर के मालिक से भारी भरकम रकम लेकर छोड़ दिया। प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसमें सबसे ज्यादा फजीहत स्कूली बच्चों की हुई। जाम के कारण स्कूल बसें काफी देर तक फंसी रहीं। करीब ढाई घंटे के बाद कोतवाल रितेश शाह के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और जाम खुलवाया गया। कोतवाल रितेश शाह ने कहा कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोतवाल ने दावा किया कि अगले 36 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।
एफआईआर लिखवानी है तो कोतवाली जाओ
मृतक के साला मुकेश तिवारी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि जब एफआईआर दर्ज कराने श्यामपुर पुलिस चौकी गए तो उन्होंने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। बताया कि वह श्यामपुर पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थे। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की दलीलों को गंभीरता से नहीं लिया। उलटे पुलिस ने सलाह दी कि यहां एफआईआर दर्ज नहीं होगी। यदि एफआईआर लिखवानी है तो कोतवाली जाओ और ऑनलाइन लिखवाओ। वहीं ग्रामीण राजेश जुगलान ने कहा कि जब कंटेनर को छोड़ने को लेकर चौकी इंचार्ज श्यामपुर आशीष गुसाईं से वार्ता की गई तो उन्होंने मामले में अनभिज्ञता जताई। कहा कि उन्हें नहीं पता कंटेनर किसने छोड़ा है। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी से मिलीभगत कर कंटेनर छोड़ दिया। पीड़ितों का आरोप है कि इस बारे में कोतवाली के एसएसआई मनोज नैनवाल से शिकायत की गई तो उन्होंने कहा कि जो करना है कर लो।
जाम लगाओगे तो सबके खिलाफ दर्ज कर दूंगा मुकदमा
ऋषिकेश। शाम करीब साढ़े चार बजे कोतवाल रितेश शाह ने हाईवे पर जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद जगदीश की मौत से बौखलाए ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस पर कोतवाल रितेश शाह ने कहा कि यदि हाईवे पर जाम लगाओगे तो सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दूंगा। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी देर तक तूतू-मैं मैं भी होती रही।
शव उठता देख फफक पड़ी दिव्यांग पत्नी और बच्चे
पुलिस के मौखिक आश्वासन के बाद हाईवे पर जाम खत्म होते ही ग्रामीण जगदीश प्रसाद के शव को उठाकर दाह संस्कार के लिए ले जाने लगे। तभी उनकी दिव्यांग पत्नी पूनम देवी और तीनों बच्चे फफक-फफक कर रो पड़े। यह हृदय विदारक मंजर देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। लोगों के अंदर पुलिस के रवैये को लेकर गुस्सा और दिवंगत के लिए दुख उमड़ता रहा।