ऋषिकेश। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लागू किया है। कर्फ्यू के तहत केवल फल सब्जी, दूध और दवाइयां आदि आपातकालीन सेवाओं की दुकानें खुल रही हैं। ऐसे में ऋषिकेश में संचालित होटल, कपड़े और अन्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारी परेशान हैं। प्रदेश में एक समान व्यापार नीति बनाने को लेकर व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है।
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तीर्थनगरी में सबका व्यापार एक समान है। सबको पैसे की जरूरत है। इसके बिना तो परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी होगी। प्रदेश सरकार को इस ओर ठोस नीति लागू करनी चाहिए। कोरोना कर्फ्यू लगे, लेकिन इस दौरान अन्य व्यापारियों को भी दुकानें खोलने का समय देना चाहिए।
-हरीश ढिंगरा कपड़ा व्यापारी
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जब से प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लागू हुआ है, तब से दुकान बंद पड़ी हुई हैं। ऐसे में बिजली, पानी और घर के अन्य खर्चों की भरपाई कैसे होगी। प्रदेश सरकार को इस ओर नई पहल करने की जरूरत है।
-दीपक दरगन, कपड़ा व्यापारी
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कोरोना कर्फ्यू के कारण दुकान बंद पड़ी हुई है। दुकान के अंदर रखा सामान खराब हो रहा है। कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो रहा है। जीएसटी समेत अन्य बिलों को भुगतान कैसे होगा।
-पवन शर्मा
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कोरोनाकाल से व्यवसाय ठप हो गया है। होटल में पहले स्टाफ कर्मचारियों की अधिक संख्या थी। कोरोना काल के चलते सब अपने घर लौट गए हैं। कुछ कर्मचारी उनके पास हैं, उन्हें वेतन और अन्य जरूरी सामान देने में भी परेशानी हो रही है। प्रदेश सरकार को होटलों में काम कर रहे ऐसे कर्मचारियों को सुध लेनी चाहिए।
-शैलेश अग्रवाल, संचालक चोटीवाला होटल
होटल में पहले करीब 65 स्टाफ था। कोरोना काल के चलते अब इसकी संख्या करीब 25 रह गई है। होटल में बिजली, पानी आदि का बिल भुगतान करने में बहुत परेशानी हो रही है। होटल व्यवसाय ठप हो गया है।
-अक्षत गोयल, संचालक अंबरीष होटल
प्रदेश सरकार को सभी व्यापारी वर्गों के हित के लिए सोचना होगा। कोरोना काल में चाहे उनकी दुकान दो घंटे लिए खुले, लेकिन अन्य दुकानों को भी खुलने के निर्देश होने चाहिए। ऐसे में उनके साथ जुडे़ कर्मचारियों का भी वेतन नहीं निकल रहा है। वे लोग भी बेरोजगार हो गए हैं।
-राजेंद्र शर्मा, संचालक राजस्थानी भोजनालय।