बहुप्रतिक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना की जद में आने वाला दून मार्ग स्थित वन रेंज ऑफिस लीसा डिपो रोड पर केंद्रीय खाद्य गोदाम के पास शिफ्ट होगा। यहां करीब 12 बीघा भूमि में सात करोड़ 25 लाख की अनुमानित लागत से बनने वाले रेंज ऑफिस और कर्मचारी आवास के लिए रेलवे ने वन विभाग को पहली किस्त 2 करोड़ 25 लाख रुपये अवमुक्त कर दिए हैं।
लीसा डिपो रोड पर नए रेंज ऑफिस और आवासीय भवन के निर्माण का शुभारंभ हो चुका है। निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था उत्तरप्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को दिया गया है, जिसे निर्माण कार्य पूरा करने के लिए छह माह की डेटलाइन मिली है। लिहाजा मार्च 2017 तक पूरा रेंज कार्यालय का दून मार्ग से लीसा डिपो रोड पर शिफ्ट हो जाएगा।
उत्तर रेलवे बोर्ड के डिप्टी जनरल मैनेजर बीएस मसाली ने बताया कि रेल परियोजना के प्रथम चरण का कार्य गति पकड़ने लगा है। दून मार्ग स्थित रेंज ऑफिस रेल परियोजना की जद में आ रहा है। वीरभद्र रेलवे स्टेशन से हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित खांडगांव की चहारदीवारी के समीप से और रेंज ऑफिस तक ट्रैक बिछना है। वन विभाग ने लीसा डिपो रोड पर रेंज ऑफिस और आवासीय भवन के विस्थापन के लिए जो इस्टीमेट दिया था, उसके अनुरूप पहली किश्त वन विभाग को जारी कर दी गई है।
एक नजर रेंज कार्यालय के इतिहास पर
वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वर्ष 1958 में हाथी बाहुल्य मार्ग दून में वन विभाग ने पहली रेंज चौकी खोली थी। उस समय चौकी में चेक मोहर्रिर की तैनाती रहती थी। चूंकि ऋषिकेश रेंज रानीपोखरी क्षेत्र के बड़कोट रेंज के अधीन था। लिहाजा रेंज ऑफिस बड़कोट से संचालित होता था। वर्ष 1994 में ऋषिकेश रेंज पृथक रूप से अस्तित्व में आया। तब से दून मार्ग पर ऋषिकेश वन रेंज ऑफिस और कर्मचारी आवास स्थापित हैं। छह महीने बाद 59 साल पुराने रेंज ऑफिस स्मृति में शेष रह जाएगा।
यह व्यवस्था रहेगी
- लीसा डिपो रोड पर शिफ्ट होने वाले रेंज कार्यालय में एक उप प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय, आवास।
- एक वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय, आवास।
- तीन वन दरोगा, तीन वन आरक्षी आवास।
- दो उप प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय लिपिकवर्गीय स्टाफ।
- छह आवास दो चैक चौकीदार, माली, डाकिया, सफाई कर्मचारी, दो वाहन चालक आवास, कम्यूनिटी हॉल, बैरियर बनेगा।
दून मार्ग पर रहेगी चेकपोस्ट चौकी
वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए दून मार्ग पर वन चेकपोस्ट चौकी स्थापित रहेगी। वर्तमान चेकपोस्ट से करीब तीन सौ मीटर आगे 12 फूटी में चेकपोस्ट चौकी और जंगलात बैरियर बनाया जाएगा। जहां नियमित रूप से कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। - गंगा सागर नौटियाल, वन क्षेत्राधिकारी