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कुंभ मेला अधिकारी ने किया तीर्थनगरी का निरीक्षण

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स्वर्गाश्रम में निरीक्षण के दौरान वेद निकेतन के आश्रमाध्यक्ष से बातचीत करते मेला अधिकारी। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर तीर्थनगरी में कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक और नगरपालिका मुनिकीरेती ढालवाला क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को कुंभ मेेले में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए।
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बुधवार को कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने स्वर्गाश्रम वेद निकेतन, जानकीसेतु, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क अंतर्गत चौरासी कुटिया और लक्ष्मणझूला क्षेत्र का निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को वेदनिकेतन के समीप बदहाल बने घाट को दुरुस्त करने के साथ ही लक्ष्मी नारायण घाट, संतसेवा घाट आदि घाटों पर सुरक्षा के दृष्टिगत लोहे की चैन लगाने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक को कुंभ मेले में साफ, सफाई के लिए व्यवस्थित उपकरण देने की बात कही। साथ ही टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन लक्ष्मणझूला के समीप और एसएसपी कार्यालय लक्ष्मणझूला के समीप पुलिस प्रशासन के कैंप लगाने की बात कही है।
इस मौके पर यमकेश्वर विधायक रितु खंडूडी भूषण, यमकेश्वर एसडीएम मनीष कुमार, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अध्यक्ष माधव अग्रवाल, सभासद जितेंद्र धाकड़, सरोज देवी, नवीन राणा, पिंकी शर्मा, ऊर्जा विभाग के एसडीओ सौरभ चमोली, पीडब्लूडी के ईई आरिफ खान, थाना लक्ष्मणझूला प्रभारी निरीक्षक प्रमोद उनियाल आदि शामिल थे।
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इंसेट
अखाड़ों को एक-एक करोड़ देकर इतिश्री करना चाहती है सरकार
भाजपा सरकार पर लगाया क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप
ऋषिकेश। गढ़वाल तीर्थाटन, पर्यटन व योग विकास समिति स्वर्गाश्रम के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में लगने वाला महाकुंभ पर्व 2021 के लिए अब गिने चुने दिन ही रह गए हैं, पहला कुम्भ स्नान 14 जनवरी 2021 को मकर संक्रान्ति पर है। यह पहला कुंभपर्व है जिसमें कुंभ क्षेत्र का महत्वपूर्ण क्षेत्र नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में कुंभ बजट से कोई कार्य नहीं हुए हैं। यहां तक कि यह पहला कुंभ मेला होने जा रहा है जिसमे कुंभ मेला अधिकारियों ने क्षेत्र में किसी प्रकार की न तो बैठक ली, और न ही किसी आश्रम, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं व व्यापार मंडल आदि से किसी प्रकार के सुझाव लिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लगता है भाजपा सरकार व कुंभ प्रशासन कोविड की आड़ में कुंभमेले को जैसे तैसे निपटाकर हरिद्वार के अखाड़ों को एक-एक करोड़ रुपये देकर इति श्री करना चाहता है। वरना क्या कारण है कि हिंदुओं के इतने महत्वपूर्ण पर्व पर हरिद्वार के अलावा ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, नीलकंठ महादेव व देवप्रयाग आदि स्थानों की घोर उपेक्षा की गई।
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