अखिल भारतीय किसान सभा के दो दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन के समापन दिवस पर जंगली जानवरों की समस्या, महंगाई, बेरोजगारी, सांप्रदायिकता और गन्ना मूल्य 500 प्रति क्विंटल करने की मुद्दे छाए रहे। किसानों की ज्वलंत समस्याओं के निदान के लिए एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया गया।
गन्ना समिति परिसर डोईवाला में आयोजित किए गए किसान सभा के जिला सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न विषयों को लेकर प्रस्ताव पास करने के अलावा चर्चा की गई। डोईवाला मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों को संगठित होना पड़ेगा। कहा कि किसान सभा किसानों की समस्याओं को लेकर संघर्ष करती है।
प्रांतीय महामंत्री गंगाधर नौटियाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों से वादाखिलाफी की है। तीनों कानूनों को वापस लिया। लेकिन एमएसपी पर कोई कानून नहीं बनाया। प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि किसान सभा ने जितने भी मुद्दों पर संघर्ष किया है। उन सभी को सफलता मिली है। आगे भी संगठित होकर अधिकारों के लिए लड़ाई लड़नी होगी। प्रदेश कोषाध्यक्ष शिवप्रसाद देवली ने कहा कि जिला सम्मेलन से संगठन को मजबूती और किसानों को संघर्ष के लिए तैयार किया जा सकेगा। समापन पर समाजवादी चिंतक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष बने दलजीत सिंह
किसान सभा के जिला स्तरीय सम्मेलन के दौरान जनपद की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। जिसमें दलजीत सिंह दोबारा जिलाध्यक्ष बनाया गया। याकूब अली और अमर बहादुर शाही को जिला उपाध्यक्ष, कमरूदीन को जिला सचिव, माला गुंरूग को कोषाध्यक्ष,पुरूषोत्तम बडोनी और सुधा देवली को संयुक्त सचिव चुना गया। जबकि जाहिद अंजुम, जगजीत सिंह, हरबंश सिंह, बलबीर सिंह, अनूप कुमार पाल, सरजीत सिंह, गय्यूर हसन, अमर बहादुर, प्रदीप कुमार, मुहम्मद इस्लाम को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। संवाद