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आजीविका मिशन के नाम पर इंस्टीट्यूट पर फर्जीवाड़े का आरोप

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रेलवे रोड स्थित इंफो इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट में संचालक का घेराव करते भाजपा नेता व छात्र। - फोटो : RISHIKESH
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रेलवे रोड स्थित इंफो इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत छात्रों ने संस्थान पर दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के नाम पर धोखाधड़ी करने तथा अवैध वसूली का आरोप लगाया है। छात्रों ने इंस्टीट्यूट के विरोध में खूब हंगामा काटा। छात्रों का आरोप है कि उन्हें दीन दयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण का वादा किया गया था। बाद में एचएसबीसी स्किल फॉर लाइफ प्रोजेक्ट के नाम से कोर्स करवाया गया। सूचना पाकर जनप्रतिनिधि भी मौके पहुंचे तो मौखिक रूप से सहमति बनी कि छात्रों से निशुल्क कोर्स के नाम पर लिए गये रुपये वापस किए जाएंगे। साथ ही उन्हें योजना के तहत सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
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बृहस्पतिवार सुबह साढ़े दस बजे करीब 40 छात्र इंस्टीट्यूट के बाहर पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रों ने सुबह दस बजे से शुरू होने वाली परीक्षा का भी बहिष्कार कर दिया। इसी बीच वरिष्ठ भाजपा नेता कपिल गुप्ता, अनिकेत गुप्ता अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने छात्रों के साथ संस्थान संचालक विजय पैन्यूली से वार्ता करनी चाही तो संचालक उन पर भी बिफर पड़े। इसके बाद भाजपा नेताओं ने जमकर संस्थान संचालक को लताड़ा। कपिल गुप्ता ने कहा कि संस्थान संचालक दीनदयाल अंत्योदय योजना के नाम पर निर्धन छात्रों का शोषण कर रहा है। फर्जीवाड़े का आलम ये है कि योजना के तहत सर्टिफिकेट और नर्सिंग की जॉब के बदले सफाई कर्मी की नौकरी ऑफर की जा रही है। डिंपल चौहान, आराधना गुप्ता, रेनू, दीक्षा शर्मा, अनूप गौतम, शिवानी जाटव, विनिश्ता, शालिनी, रिया, अंकित, ज्योति सैनी, विपिन, सुमित आदि उपस्थित रहे।
संस्थान पर यह लगे आरोप
- शुरूआत में नर्सिंग कोर्स को छह माह का बताकर बाद में आठ माह कर दिया गया।
- दीन दयाल अंत्योदय योजना के तहत अवैध रूप से नर्सिंग कोर्स के लिए 1050 रुपये वसूले गए।
- दो दिन पूर्व फोन कर कुछ छात्रों को परीक्षा जानकारी दी गई। ज्यादातर छात्रों को अंधेरे में रखा गया।
- नर्सिंग कोर्स के बाद अस्पतालों में नर्स के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा।
- देहरादून के अस्पतालों में सफाई कर्मचारी की नौकरी दिलाने के लिए कराया गया इंटरव्यू।
- परीक्षा कराने के नाम पर 800 रुपये अवैध वसूली।
- ड्रेस कोड के नाम पर भी अवैध वसूली।
- दीनदयाल अंत्योदय योजना के नाम पर किसी अन्य संस्था से सर्टिफिकेट दिलाने का आरोप
क्या है दीन दयाल अंत्योदय योजना
इस योजना का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण गरीब परिवारों की गरीबी और जोखिम को कम करने के लिए उन्हें लाभकारी स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसर का उपयोग करने में सक्षम करना। योजना का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से शहरी बेघरों के लिए आवश्यक सेवाओं से लैस आश्रय प्रदान करना भी है।
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कोट्स
संस्था में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को परीक्षाएं थीं, जिसमें 60 बच्चे शामिल भी हुए। कुछ बच्चे परीक्षा नहीं देना चाह रहे थे। इसी वजह ये निराधार आरोप लगा रहे हैं। हमारे यहां दीन दयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पाठ्यक्रमों का संचालन नहीं हो रहा है। सभी पाठ्यक्रम एसएसबीसी के तहत संचालित हो रहे हैं। संस्थान की ओर से सिक्योरिटी राशि किताबों के एवज में ली गई है।
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- विजय पैंयूली, संचालक, इंफो इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट
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