रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में रामनगर से ट्रांसलोकेशन कर लाई गई बाघिन का व्यवहार सामान्य हो गया है। जिसका अंदाजा मॉनिटिरिंग टीम को उसकी बदलती लोकेशन से उसके करीब दस किमी की चहलकदमी से लगाया जा रहा है। इसके साथ ही बाघिन जंगल में छोड़े जाने के बाद से अभी तक भूखी है।
राजाजी की मोतीचूर रेंज में छोड़ी गई बाघिन की नियमित मॉनिटिरिंग चल रही है। अलग-अलग टीमें जीपीएस कॉलर से लगातार बाघिन की हर गतिविधि पर दिन और रात निगरानी रख रही है। टीम की ओर से बताया गया कि बाघिन ने अपने स्वभाव के अनुसार रोजना करीब दस किमी से अधिक की दूरी तय शुरू कर दी है। किंतु उसने रेंज में अभी तक अपना पहला शिकार नहीं किया है। बीते शुक्रवार को बाघिन को बाड़े से आजाद कर जंगल में खुला छोड़ दिया गया था। तब से वह लंबी दूरी की चहलकदमी कर रही है। वन्यजीव प्रेमी मानते हैं कि नई जगह पर प्रजाति अपने वन सीमा टेरिटोरियल का चयन करती है। बाघिन मोतीचूर रेंज की कोलपुरा बीट से कांसरों रेंज की सीमा तक नियमित चहलकदमी करती देखी गई है। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी ने बताया कि बाघिन पूरी तरह से स्वस्थ है, उसका व्यवहार भी सामान्य है। जमीनीं स्तर पर कई टीमें बाघिन पर हाथियों से, पैदल और जीप पर सवार होकर उसके जीपीएस कॉलर से नजर रख रहे हैं।