शहीद ऊधम सिंह कंबोज के जन्मदिन पर पुष्पांजलि अर्पित करते लोग।
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डोईवाला। मारखग्रांट बुल्लावाला में शहीद उधमसिंह कांबोज का जन्मदिवस मनाया गया। इस मौके पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पापंलि अर्पित की गई। शहीद उधमसिंह ने जलियावा बाग कांड के दोषी को लंदन में जाकर गोली मारी थी। युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में शहीद की प्रतिमा पर विभिन्न राजनीतिक संगठनों ने पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। दून कांबोज सभा के सहसचिव मनोज कांबोज ने कहा कि बैसाखी के दिन 1919 को हुए जलियावाला बाग कांड में जनरल डायर ने लोगों पर गोलियां चलवाई। इस घटना से उधमसिंह व्यथित हो गए। उन्होंने बदला ेंलेने का प्रण लिया। अपने मिशन को अंजाम देने के लिए उधमसिंह अफ्रीका, नैरोबी, ब्राजील और अमेरिका गए। सन 1934 में उधम सिंह ने लंदन पहुंचकर लक्ष्य पूरा करने का इंतजार किया। 13 मार्च 1940 को लंदन की रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी के हाल में जहां डायर पहुंचा था। एक मोटी किताब में रिवाल्वर लेकर आए। बैठक के बाद उन्होंने डायर को गोली मार दी। जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई। वह भागे नहीं और गिरफ्तार हो गए। उन पर चले मुकदमे में उन्हें 4 जून 1940 को हत्या का दोषी ठहराकर फांसी की सजा दी गई। 31 जुलाई 1940 को फांसी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि देश शहीद उधमसिंह का बलिदान हमेशा याद रखेगा।
इस मोके विजय कांबोज, देव सिंह, गौरव चौधरी, राजकुमार, मोहित शर्मा,रणजीत सिंह,रणजोध सिंह, बबलू कांबोज, नरेश कांबोज, धर्मेन्द्र कांबोज, प्रीतम सिंह, मंजू देवी, शुभम कांबोज आदि थे।