प्रदेश सरकार की ऋषिकेश बैराज जलाशय में सी-प्लेन उतारने की योजना परवान चढ़ी तो यहां पर्यटन गतिविधियों के साथ ही साहसिक खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम और तपोवन क्षेत्र के साथ बैराज जलाशय की ओर रुख करेंगे, जहां सी-प्लेन के साथ ही जलाशय में अन्य साहसिक गतिविधियां सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी।
बैराज जलाशय पौड़ी और देहरादून जनपद की सीमाओं को जोड़ता है। यहां पर्यटन गतिविधियां नहीं होने से पर्यटक यहां रुकने के बजाय सीधे टिहरी और पौड़ी जनपद अंतर्गत लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और तपोवन की ओर रुख करते हैं, जहां वे राफ्टिंग का लुत्फ उठाते हैं। नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से यदि बैराज जलाशय में सी-प्लेन उतारने की योजना परवान चढ़ती है तो बैराज, पशुलोक, आमबाग आदि जगहों पर संचालित होटल व्यवसायियों को इसका लाभ मिलेगा। एम्स नजदीक होने से सी-प्लेन से मरीजों को भी लाया जा सकेेगा। इस योजना के तहत बैराज जलाशय में स्पीट मोटर बोट, बोट और राफ्टिंग की भी संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध होगा।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण यूकाडा को केंद्र सरकार की ओर से सागरमाला परियोजना के तहत बनाई गई एसपीवी (विशेष साधन योजना) के साथ करार करना है। एसपीवी इन जगहों पर ढांचागत विकास के साथ ही सी-प्लेन संचालन में प्रदेश सरकार का तकनीकी सहयोग करेगी। प्रदेश की ओर से पांच जगहों पर सी-प्लेन उतारने की संभावना का प्रयास केंद्र को भेजा गया है। जिसमें टिहरी झील, उद्यमसिंह नगर का हरिपुरा जलाशय, कालागढ़ झील, नानकमत्ता बैराज और ऋषिकेश जलाशय शामिल है। इस प्लेन का उपयोग पर्यटन गतिविधियों के अलावा रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किया जाएगा। नागरिक उड्डयन विभाग उत्तराखंड ने केंद्र सरकार को इसकी रिपोर्ट भेज दी है। विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से इस योजना को साकार करने का प्रयास किया जाएगा।