-सुसाइड नोट में पति पर मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न के आरोप
- गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का भी कोर्ट ने लिया संज्ञान
ऋषिकेश। पत्नी का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति सुशील बर्थवाल का जमानत प्रार्थनापत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। आरोपी पिछले जून से न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में बंद है।
बीते 25 जून को रायवाला निवासी शंकुतला देवी ने आत्महत्या कर सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उसने अपने पति सुशील बर्थवाल पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था। मृतका ने सुसाइड नोट में उसके चरित्र पर सवाल उठाने और दूसरे पुत्र को अपना जायज पुत्र नहीं मानने का भी आरोप लगाया था। वहीं एक पड़ोसी और मृतका के भाई बहिनों ने भी न्यायालय में सुसाइड नोट में लिखी बातों के समर्थन में गवाही दी थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने आरोपी पति सुनील बर्थवाल का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अदालत के आदेश में यह भी कहा गया कि विवेचना पूरी हो जाना और आरोप पत्र तैयार हो जाना अपने-आप में जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है। मामले की गंभीर प्रकृति और आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया साक्ष्य को देखते हुए अदालत ने सुशील बर्थवाल को जमानत पर रिहा करने से इन्कार करते हुए जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।