दून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में जुटी एजेंसी की सुस्त कार्यप्रणाली अर्द्धकुंभ में आने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। कार्यदायी संस्था पांच साल से कछुआ चाल से हाईवे का निर्माण कार्य कर रही है। इससे लोग पहले ही परेशान हैं। अब अर्द्धकुंभ मेले के दौरान यहां आने वाले यात्रियों को भी हाईवे पर हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
2010 में शुरू हुई देहरादून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। लिहाजा हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले के चलते एजेंसी ने जनवरी महीने के प्रथम सप्ताह से यात्रियों की सुविधा के लिए काम रोककर यथा स्थिति में छोड़ दिया है। फिलहाल इन दिनों मार्ग को लीपापोती कर जैसे तैसे चलने लायक तैयार किया गया है।
जबकि, इतने लंबे समय के बाद मोतीचूर से नेपाली फार्म तिराहे तक छह किमी मार्ग का महज 30 प्रतिशत निर्माण ही हो सका है। कुंभ के मद्देनजर यातायात दुरुस्त रखने और अधूरे राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एजेंसी हाईवे के किनारों जगह-जगह लकड़ी की बल्लियों की बैरिकेडिंग लगाकर कामचलाऊ तैयारी की गई है।
स्टीकर चिपकाकर बैरिकेडिंग को चमकाया गया है। साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी बिछाई जा रही है। इससे इन दिनों मार्ग पर आने-जाने वालों को धूल के गुबार से परेशान होना पड़ रहा है। जगह-जगह गहरे गड्ढों से अटी पड़ी खस्ताहाल सड़क से तीर्थ यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। इससे हादसों की आशंका बनी हुई है। लेकिन महकमा फौरी तैयारी के लिए ही सही, हाईवे पर अस्थायी व्यवस्थाएं भी ठीक से नहीं कर पा रहा।
हाईवे निर्माण में भूमि अधिग्रहण और निर्माण सामग्री की उपलब्धता में अड़चनें आई हैं। इसके कारण निर्माण में विलंब हुआ है। फिलहाल कुंभ के लिए हाईवे पर फौरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।-सूरज गुसाईं, प्रबंधक/एचआर हेड, एरा कंपनी