ग्राम पंचायत तपोवन के बाशिंदों की पेयजल संबंधी परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल में दुरुस्त की गई जलापूर्ति महज तीन दिन में ही ठप हो गई। जलापूर्ति सुचारु रहने के बाबत जलकल अभियंता का दावा भी हवाई साबित हुआ। ऐसे में पेयजल किल्लत से आजिज स्थानीय लोग दूरस्थ स्थानों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
परेशान नागरिकों ने जल्द समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। बीते छह जनवरी को पेयजल संकट से जूझ रहे तपोवन के लोगों ने क्षेत्र के जीआईसी तपोवन के समीप स्थापित विभागीय पेयजल टैंक से पेयजल सप्लाई ठप कर दी थी।
जलकल अभियंता एवीएस रावत के आश्वासन के बाद लोगों ने करीब तीन घंटे बाद जलापूर्ति शुरू होने दी। मौके पर पहुंचे अभियंता ने क्षेत्र की पेयजल किल्लत के स्थायी समाधान का भरोसा दिलाया था। स्थानीय नागरिक महेंद्र सिंह बिष्ट, अनिल बडोला, अनुसूइया प्रसाद पांडेय, महेंद्र सिंह रावत, दिनेश कठैत आदि ने बताया कि इसके बाद तीन दिन तक आसपास के घरों में पेयजल आपूर्ति सुचारु रही। लेकिन इसके बाद फिर से स्थिति पहले जैसी हो गई।
आरोप लगाया कि विभाग समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास नहीं कर रहा है। इससे नागरिकों को अक्सर पेयजल समस्या से परेशान होना पड़ रहा है। अवर अभियंता प्रमोद हटवाल ने बताया कि तपोवन टैंक की पंपिंग मशीन खराब होने के कारण सप्लाई नहीं हो पा रही है। नई मशीन की व्यवस्था की जा रही है। करीब एक सप्ताह में समस्या का समाधान किया जाएगा।