रानीपोखरी के घम्मूवाला क्षेत्र में जहां खेतों में कभी फसलें लहलहाती थी वहां अब क्षेत्र में सक्रिय प्रापर्टी डीलरों ने नियमों की अनदेखी कर अंधाधुंध प्लाटिंग कर दी। उन्होंने कृषि भूमि को आवासीय प्रयोजन के लिए परिवर्तित तक नहीं कराया और न ही एक भी नक्शा स्वीकृत कराया। सब कुछ देखने के बाद भी साडा के अफसर मामले पर मौन बने है।
हरित पट्टी क्षेत्र में व्यावसायिक भवन और अन्य निर्माण के लिए दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना पड़ता है, लेकिन यहां बगैर मानचित्र के कृषि भूमि पर कंकरीट का जंगल खड़ा किया जा रहा है, जिससे गांव की आबोहवा पर असर पड़ रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर गांव के व्यक्ति ने बताया कि जिला पंचायत मार्ग के किनारे घम्मूवाला में पिछले दो महीने से खेती की भूमि पर अवैध निर्माण हो रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
यह फसल लहलहाती थी
घम्मूवाला में जिस कृषि भूमि पर व्यापक पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है वहां कभी गेहूं और गन्ने की फसल लहलहाती थी। कृषि भूमि के खुर्द बुर्द होने से वहां बंजर हो गया है।
कृषि भूमि को आवासीय प्रयोजन के लिए परिवर्तित और नक्शा मंजूर कराए किसी तरह का निर्माण अनाधिकृत है। घम्मूवाला क्षेत्र में निर्माण कार्य के नक्शे के लिए आवेदन नहीं आया है। मामले को दिखवाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो निर्माणाधीन भवन को सीज किया जाएगा।
जीसी गुणवंत, सचिव दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण