श्यामपुर। उत्तराखंड वनाधिकार कांग्रेस के आह्वान पर बृहस्पतिवार को बिजली-पानी निशुल्क देने के मुद्दे पर श्यामपुर स्थित बिजली विभाग कार्यालय के समीप हाईवे पर बिजली व पानी के बिलों की होली जलाई गई। इस मौके पर धरना-प्रदर्शन भी किया गया।
वनाधिकार कांग्रेस के प्रणेता किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंडियों के साथ न्याय नहीं हुआ है, जिन मुद्दों को लेकर वनाधिकार कांग्रेस आज संघर्ष कर रही है, वे सब उत्तराखंडियों को देश आजाद होने के तुरंत बाद मिल जाने चाहिए थे।
उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंडियों को (अरण्यजन) मानते हुए उनके पुश्तैनी वनाधिकार और हक-हकूक बहाल किए जाने चाहिए। उनको केंद्र सरकार की सेवाओं में आरक्षण दिया जाए। प्रतिमाह एक गैस सिलेंडर, बिजली और पानी निशुल्क दिया जाए। इसके अलावा जड़ी-बूटियों पर स्थानीय समुदाय का अधिकार हो, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क हों, एक यूनिट आवास बनाने हेतु लकड़ी, बजरी व पत्थर निशुल्क दिया जाए। जंगली जानवरों द्वारा जन हानि पर 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। फसल के नुकसान पर प्रतिनाली 5000 रुपये क्षतिपूर्ति दी जाए। कार्यक्रम में पूर्व काबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य जयेंद्र रमोला, प्रदेश महामंत्री राजपाल खरोला, जयसिंह रावत, जयपाल जाटव, इन्द्रप्रकाश अग्रवाल, विजयपाल रावत, दिनेश ब्यास, देवेंद्र रावत, बरफ सिंह पोखरियाल, प्रेमलाल शर्मा, विजयपाल पंवार, मनोज गुसांई, राजेन्द्र गैरोला, गौरव राणा, मुकेश मनोडी, विक्रांत भारद्वाज, देवी प्रसाद व्यास, गोकुल रमोला, राव शहीद अहमद, देवेंद्र बैलवाल, निर्मल रांगड, संदीप कलूडा, आशा सिंह चौहान, पूरण चन्द रमोला, विजय बिष्ट, सतीश रावत, विनोद चौहान, प्रिंस सक्सेना, देव पोखरियाल, दिनेश सकलानी, पार्षद राकेश मिंया, अजय रमोला, गौरव कुमार राणा, मंगल सिंह रावत, बिजेंद्र कुमार, कैलाश सेमवाल, ओम प्रकाश शर्मा, राम अवतार शर्मा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन भगवती प्रसाद सेमवाल व अध्यक्षता जय सिंह रावत ने की।