यमकेश्वर ब्लॉक के मौन गांव से सटा जंगल अचानक धधक उठा। धुआं और आग की लपटें आबादी तक पहुंचने से एक गौशाला चपेट में आ गई। आग से गौशाला खाक हो गया और उसमें बंधी एक भैंस आंशिक रूप से झुलस गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घंटों कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया।
शुक्रवार दोपहर नीलकंठ चौकी क्षेत्र में मौन गांव के समीप जंगल में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग की भयावह लपटें उठने से अफरातफरी मच गई। जंगल से सटी आबादी तक पहुंची आग की लपटों ने गोविंद प्रसाद रयाल की गौशाला को छू लिया। गौशाला धू धू कर जलने से हड़कंप मच गया। गौशाला में बंधी भैंस को बमुश्किल बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक भैंस आग से आंशिक रूप से झुलस गई।
आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस अग्निशमन वाहन के साथ मौके पर पहुंची और राहत बचाव में जुट गई। करीब चार घंटे जूझने के बाद पुलिस ने आग को बुझाया। आग से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। संभवत: चारा पत्ती लेने जंगल गए किसी व्यक्ति ने जलती तीली या बीड़ी फेंक दी होगी, जिससे आग लग गई। समय रहते आग को काबू में करने से बड़ा हादसा टल गया।
बिना पानी के पहुंचा वाहन
जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए पहुंचे अग्निशमन वाहन में पानी नहीं था। भूतपूर्व सैनिक एवं अर्द्ध सैनिक संगठन के केंद्रीय संरक्षक शोभाराम रतूड़ी ने बताया कि वाहन में पानी की व्यवस्था कराने के बाद आग को बुझाया गया।